Join us on a literary world trip!
Add this book to bookshelf
Grey
Write a new comment Default profile 50px
Grey
Subscribe to read the full book or read the first pages for free!
All characters reduced
जब तक चाहें जवान रहें - cover

जब तक चाहें जवान रहें

Mahesh Sharma

Publisher: Publishdrive

  • 0
  • 0
  • 0

Summary

इस किताब की शुरुआत लेखक ने उन लोगों की कहानियों से की जो उम्र से पहले ही खुद को बूढ़ा मान बैठे थे। लेकिन लेखक मानते हैं कि युवावस्था एक मानसिकता है, न कि केवल उम्र का मामला। आधुनिक विज्ञान जैसे न्यूरोप्लास्टिसिटी और ग्लाइम्फैटिक सिस्टम से यह साबित होता है कि हमारा मस्तिष्क और शरीर लंबे समय तक सक्रिय और लचीला रह सकता है। यह पुस्तक जटिल शोधों को सरल कहानियों, रूपकों और व्यावहारिक सुझावों के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें आम लोगों की प्रेरणादायक कहानियां हैं और रोजमर्रा में अपनाई जा सकने वाली आदतें दी गई हैं। यह किताब बताती है कि ऊर्जा, उत्साह और उद्देश्य हर उम्र में संभव हैं। यह किताब सिर्फ़ अधिक जीने की नहीं, बल्कि जीवंत और सार्थक रूप से जीने की बात करती है। यह एक ऐसा मार्गदर्शक है जो पाठकों को याद दिलाता है कि असली युवावस्था रोज़ लिए गए निर्णयों और सोच की दिशा में छुपी होती है।
Available since: 05/21/2025.
Print length: 95 pages.

Other books that might interest you

  • Share Bazar Mein Safal Kaise Hon? - cover

    Share Bazar Mein Safal Kaise Hon?

    Mahesh Chandra Kosik

    • 0
    • 0
    • 0
    यह पुस्तक प्रसिद्ध वित्तीय सलाहकार महेश चंद्र कौशिक का एक उत्कृष्ट कार्य है, जो खुदरा निवेशकों पर केंद्रित है और उन्हें निवेश के बारे में कारगार सुझाव देती है। लेखक ने इसमें बहुत सरल भाषा का प्रयोग किया है और तकनीकी शब्दों के प्रयोग से बचते हुए इसे समझने में सुगम और पढ़ने में दिलचस्प बना दिया है। यह पुस्तक पढ़ने के बाद आप समझ जाएँगे कि क्यों कुछ लोग हमेशा शेयर बाजार से पैसे बनाते हैं और कुछ लोग हमेशा शेयरों में पैसे गँवाते हैं। यदि आप इस पुस्तक को कदम-दर-कदम पढ़ेंगे और इसमें दिए सुझावों का पालन करेंगे तो आप शेयर बाजार में कभी नुकसान नहीं उठाएँगे। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप जानेंगे कि कैसे शेयर बाजार में 100 डॉलर का एक आरंभिक निवेश बीस वर्षों में 7,18,03,722 डॉलर हो सकता है।
    Show book
  • Investment Ke Zariye Ameer Kaise Bane? - cover

    Investment Ke Zariye Ameer Kaise...

    Biswadip Sen

    • 0
    • 0
    • 0
    ज़्यादातर हमें इन्वेस्टमेंट के दो तीन तरीक़े ही मालूम होते हैं, जैसे कि म्यूच्वल फंड, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट इत्यादि. इस एपिसोड मे सुनिए इन्वेस्टमेंट के और भी कई लाभदायक तरीक़े.
    Show book
  • शाकाहारी धीमी आंच पर कुकर व्यंजनों की किताब हिंदी में Vegetarian Slow Heat cooker recipes Book in hindi: आसान धीमी आंच पर कुकर शाकाहारी व्यंजनों के लिए - cover

    शाकाहारी धीमी आंच पर कुकर...

    Charlie Mason

    • 0
    • 0
    • 0
    आपको यह विश्वास करने के लिए यह देखना चाहिए! आपको शाकाहारी धीमी आंच कुकर कुकरबुक में मिलने वाले स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लेकर आश्चर्य होगा: टॉप 31 शाकाहारी धीमी आंच पर कुकर व्यंजन। आपका सामान्य स्वास्थ्य। 
    न केवल आपके पास स्टेप बाय स्टेप गाइड होगी, बल्कि इसे समझना भी सरल होगा। 
    यदि आप अपनी कॉपी चाहते हैं, तो यह स्टोर वाले व्यंजन खुद पका सकते हैं:• फलों और सूखे मेवे के साथ मसालेदार ग्रेनोला• पालक और आटिचोक पास्ता• काजू-टोफू रिकोटा के साथ इतालवी एगप्लांट पुलाव• धीमी आंच पर पके नारियल किशमिश चावल पुडिंग• फूलगोभी - चावल - टोफू के साथ सुशी बाउल 
    ये कुछ पोषण संबंधी उदाहरण हैं जो आपको बताएगी कि शाकाहारी एक बहुत ही स्वस्थवर्धक आहार विकल्प है• हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए संतृप्त वसा में कमी:• मांसपेशियों के ऊतकों को बर्न होने से बचाने के लिए कार्ब्स की आवश्यकता होती है• सूखे मेवे और अनाज सहित स्वस्थ प्रोटीन विकल्प 
    अब आप अपनी कॉपी को प्राप्त करके पूर्ण विवरण पाने का सबसे अच्छा तरीका जानते हैं! 
    हैप्पी स्लो कुकिंग!
    Show book
  • Kya Paaltu Jaanwar Aapki Umra Badane Mein Aapki Madad Kar Sakte Hain? - cover

    Kya Paaltu Jaanwar Aapki Umra...

    Nikhil Baisane

    • 0
    • 0
    • 0
    क्या घर में पालतू जानवर रखना एक सेहतमंद ऑप्शन है? इसका जवाब है 'हाँ' क्योंकि जितने भी लोगों के पेट्स होते हैं, वो हमेशा ख़ुश ही रहते हैं. क्या यही पेट्स ख़ुशी के साथ साथ, उम्र भी बढ़ा सकते हैं? आइए जानते हैं.
    Show book
  • Sampurna Chanakya Niti : Today's Secret to Success - संपूर्ण चाणक्य नीति (सरल हिंदी शब्दों में) - cover

    Sampurna Chanakya Niti : Today's...

    आचार्य चाणक्य

    • 0
    • 0
    • 0
    संपूर्ण चाणक्य नीति (सरल हिंदी शब्दों में) | Sampurna Chanakya Niti: Today's Secret to Success 
    सम्पूर्ण चाणक्य नीति का आज के समय के हिसाब से अर्थ (सरल हिंदी शब्दों में) । इस ऑडियोबुक में चाणक्य नीति के सम्पूर्ण 17 अध्यायों को सरल हिंदी में इस तरह से समझाया गया है कि आप इनको अपने जीवन में लागू कर सकें और हर काम में सफल हो सकें! 
    आचार्य चाणक्य का जन्म 375 ईसा पूर्व में तक्षशिला में हुआ था। उनका बचपन बहुत ज्यादा कठिनाइयों में बीता था। बडे होकर वे एक महान शिक्षक, अर्थशास्त्री, प्रधानमंत्री, शाही सलाहकार, राजनीतिज्ञ और मार्गदर्शक बने। आचार्य चाणक्य ब्राह्मण थे, उन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अर्थशास्त्र किताब लिखी थी जो बहुत प्रसिद्ध है। सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु भी चाणक्य ही थे। चाणक्य के प्रशिक्षण से ही चन्द्रगुप्त मौर्य भारत के महान सम्राट बने। चन्द्रगुप्त मौर्य राजवंश की स्थापना की थी। चन्द्रगुप्त पूरे भारत को एक साम्राज्य के अधीन लाने में सफल रहे। 
    चाणक्य नीति या चाणक्य नीतिशास्त्र, चाणक्य द्वारा रचित एक नीति ग्रन्थ है। इसमें सूत्रात्मक शैली में जीवन को सुखमय एवं सफल बनाने के लिए उपयोगी सुझाव दिये गये हैं। इसका मुख्य विषय मानव मात्र को जीवन के प्रत्येक पहलू की व्यावहारिक शिक्षा देना है। इसमें मुख्य रूप से धर्म, संस्कृति, न्याय, शांति, सुशिक्षा एवं सर्वतोन्मुखी मानव जीवन की प्रगति की झाँकियां प्रस्तुत की गई हैं।  
    चाणक्य नीति को उसके व्यावहारिक ज्ञान और व्यावहारिक शिक्षाओं के लिए अत्यधिक माना जाता है। यह प्रशासन, नेतृत्व, रिश्ते और व्यक्तिगत विकास सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं में व्यक्तियों के लिए मूल्यवान दिशानिर्देश प्रदान करता है। 
    इस संपूर्ण चाणक्य नीति उपदेश को बहुत ही शांति के साथ (हैडफोन हो तो अच्छा) पूरा और बार बार सुने और अपनी लाइफ में फॉलो करने की कोशिश करें। 
    Sampurna Chanakya Niti Hindi audiobook is motivational and helpful for people at any stage of life.
    Show book
  • Mahabharat ke Amar Patra Ashwatthama - cover

    Mahabharat ke Amar Patra...

    Dr. Vinay

    • 0
    • 0
    • 0
    अश्वत्थामा एक महान योद्धा और आठ अमर पात्रों में से एक थे लेकिन उन्होंने ये गलती की कि उन्होंने कौरवों का साथ दिया, क्योंकि उनके पिता द्रोणाचार्य ने भी कौरवों का साथ दिया था. महाभारत के युद्ध में अश्वत्थामा का चरित्र महत्वाकांक्षा और नीति अनिति का विवेक लुप्त हो जाने का सबसे विकट उदाहरण है और यह औपन्यासिक प्रस्तुति उसे समझने का यत्न है.
    Show book