अपने अंदर के शैतान को हराने की कला
Mahesh Sharma
Publisher: Publishdrive
Summary
इस पुस्तक में आज के शोरगुल और उलझनों से भरे जीवन में आत्म-शांति और भीतर की आवाज़ को फिर से खोजने की बात कही गई है। भागदौड़, सामाजिक अपेक्षाएं, और लगातार आने वाली सूचनाएं हमें खुद से दूर ले जाती हैं। यह पुस्तक जागरूकता, अनुशासन, करुणा और ध्यान जैसे चार स्तंभों पर आधारित है, जो आत्म-चेतना की यात्रा में मदद करते हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे हम अपनी नकारात्मक सोच, भय और आत्म-संदेह को समझकर उससे ऊपर उठ सकते हैं। यह किताब कोई जादुई हल नहीं देती, बल्कि धीरे-धीरे बदलने का तरीका बताती है। यह एक ऐसा आमंत्रण है जो आदेश नहीं देता, बल्कि भीतर लौटने और खुद से जुड़ने को प्रेरित करता है। हर अध्याय एक दीपक की तरह है जो भीतर के अंधकार को मिटाने में मदद करता है। यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो जीवन में अर्थ, संतुलन और आत्म-शांति की तलाश में हैं।
