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गिर परी - cover

गिर परी

Johnn A. Escobar

Publisher: Babelcube

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Summary

वह स्वर्ग के राज्य में बनाया गया था, जो उन संकायों के साथ प्रदान किया गया था जो उनकी अपनी प्रतिभा को आसवित करते थे, प्रकाश के वाहक बनकर, सौंदर्य और बुद्धि का एक उदाहरण होने के नाते, एक उत्कृष्ट कृति, ज्ञान से भरा हुआ। वहाँ उच्च स्तर पर उन्होंने अपने पद के कोलाहल और अधिकार का आनंद लिया, जिसे पहले महादूत के रूप में नियुक्त किया गया था, जो खुद को सभी के बीच ईश्वर के सबसे करीब रखता था।
Available since: 05/03/2022.
Print length: 80 pages.

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    शराब की दुकान - मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी - Sharab Ki Dukan - A Story by Munshi Premchand 
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    🔸 कहानी का नाम: शराब की दुकान  
    🔸 लेखक: मुंशी प्रेमचंद  
    🔸 मुख्य विषय: शराब का प्रभाव और सामाजिक समस्याएं  
    🌟 कहानी के मुख्य बिंदु:  
    शराब की लत और इसका जीवन पर प्रभाव  
    परिवार और समाज पर शराब का दुष्प्रभाव  
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    मुंशी प्रेमचंद (1880-1936) हिंदी और उर्दू साहित्य के एक महान लेखक थे। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, लेकिन वे प्रेमचंद के नाम से प्रसिद्ध हुए। उनका जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के निकट लमही गांव में हुआ था। प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं और संघर्षों को उजागर किया।  
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    मूठ - मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी | Mooth - A Story by Munshi Premchand 
    "मूठ" मुंशी प्रेमचंद की एक ऐसी कहानी है, जो गरीबी, सामाजिक असमानता और मानवीय भावनाओं के संघर्ष का जीवंत चित्रण करती है। यह कहानी एक गरीब किसान की परिस्थिति और समाज के क्रूर सच को उजागर करती है।  
    🔸 कहानी का नाम: मूठ  
    🔸 लेखक: मुंशी प्रेमचंद  
    🔸 मुख्य विषय: सामाजिक अन्याय, गरीबी और मानवीय संघर्ष  
    🌿 कहानी की झलक:  
    गरीब किसान की संघर्षपूर्ण जिंदगी  
    समाज की कठोर वास्तविकता  
    प्रेमचंद की मार्मिक और प्रेरणादायक लेखनी  
    इस कहानी में प्रेमचंद ने समाज के उन पहलुओं को उजागर किया है, जो आज भी प्रासंगिक हैं। सुनें इस गहरी कहानी को और महसूस करें उसके संदेश को। 
    मुंशी प्रेमचंद (1880-1936) हिंदी और उर्दू साहित्य के एक महान लेखक थे। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, लेकिन वे प्रेमचंद के नाम से प्रसिद्ध हुए। उनका जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के निकट लमही गांव में हुआ था। प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं और संघर्षों को उजागर किया।  
    प्रेमचंद की प्रमुख कृतियों में 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला', 'सेवासदन', 'रंगभूमि' और 'कफन' शामिल हैं। उनकी कहानियाँ और उपन्यास समाज के निम्न और मध्यम वर्ग की जिंदगी की सजीव तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। वे सामाजिक न्याय, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के पक्षधर थे। प्रेमचंद का साहित्य सरल भाषा, मार्मिक शैली और यथार्थवादी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा दी और इसे जनसाधारण के करीब लाया। 8 अक्टूबर 1936 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनका साहित्य आज भी प्रेरणादायक है और हिंदी साहित्य का अमूल्य हिस्सा है।
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    कामना-तरु - मुंशी प्रेमचंद -...

    Munshi Premchand

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    कामना-तरु - मुंशी प्रेमचंद | Kamna Taru- Munshi Premchand 
    एक राजकुमार के एक मामूली सी लड़की के प्रेम और फिर बिछोह की अमर कहानी जो मरने के उपरांत भी कैसे जीवित रहा।कलम के जादूगर मुंशी प्रेमचंद 
    कलम के जादूगर प्रेमचंद की कहानियाँ आज भी बड़े ही ध्यान और सम्मान के साथ सुनी जाती हैं। आज हम लेकर आए हैं प्रेमचंद की वो कहानियाँ जो उनके कथा संकलन ‘मान सरोवर’ से ली गई हैं। प्रेमचंद की कहानियाँ अपने समय की हस्ताक्षर हैं जिनमें आप तब के परिवेश और समाज को भी बखूबी समझ सकते हैं। यूं तो मुंशी जी ने अपनी कहानियाँ हिंदी में ही लिखी हैं फिर भी हमारा ये प्रयास है की उनकी कहानियाँ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे और इसलिए हमने उन्हें थोड़ी और सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। इन कहानियों को ख़ास आपके लिए तैयार किया है। तो आइए सुनते हैं प्रेमचंद की विश्व प्रसिद्ध कहानियाँ!
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