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ड्रग माफिया की काली दुनिया की कहानियाँ - cover

ड्रग माफिया की काली दुनिया की कहानियाँ

एम.डी. शर्मा

Publisher: Publishdrive

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Summary

यह पुस्तक हमें ड्रग तस्करी और संगठित अपराध की भयावह और रहस्यमयी दुनिया में ले जाती है। पाब्लो एस्कोबार, एल चैपो और ग्रिसेल्डा ब्लैंको जैसे कुख्यात ड्रग माफियाओं की सच्ची कहानियाँ उनके साम्राज्य, महत्वाकांक्षा और बर्बरता को उजागर करती हैं। यह सिर्फ अपराध की दास्तान नहीं है, बल्कि मानवीय इच्छाओं, लालच और अंधे सपनों का आईना है। यह किताब दिखाती है कि कैसे भ्रष्टाचार, हिंसा और रिश्वत कानून व्यवस्था को तोड़ते हैं और ड्रग व्यापार को ताकतवर बनाते हैं। साथ ही यह उस मानवीय पीड़ा को भी सामने लाती है, जो नशे और अपराध से प्रभावित होती है। पुस्तक कानून प्रवर्तन की चुनौतियों, उनकी रणनीतियों और समाज पर ड्रग माफिया के प्रभाव को गहराई से समझाती है। यह न सिर्फ़ जानकारी देती है बल्कि जागरूकता और बदलाव की प्रेरणा भी बनती है। यह एक श्रद्धांजलि है उन लोगों के लिए जो इस अंधकार से लड़ते हैं।
Available since: 05/22/2025.
Print length: 450 pages.

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    Iron Man Sardar VallabhBhai Patel - लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल 
    लौह पुरुष सरदार वल्लभाई पटेल सिर्फ आदर्श व्यक्ति ही नहीं, बल्कि साहसी और प्रखर इंसान थे। उन्होंने पूरे देश को एक करने में भरपूर कोशिश की । उनका नाम तो सरदार वल्लभाई पटेल था पर उनके महान कार्यो के कारण उन्हें लौह पुरुष की उपाधि दी गई। 
    1 . ट्रेलर 
    लौह पुरुष सरदार वल्लभाई पटेल सिर्फ आदर्श व्यक्ति ही नहीं, बल्कि साहसी और प्रखर इंसान थे। उन्होंने पूरे देश को एक करने में भरपूर कोशिश की । उनका नाम तो सरदार वल्लभाई पटेल था पर उनके महान कार्यो के कारण उन्हें लौह पुरुष की उपाधि दी गई। 
    2 . सरदार का जन्म 
    सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 गुजरात के एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम झवेरभाई और माता का नाम लाडबा देवी था। किसान परिवार में जन्म लेने की वजह से पढ़ने लिखने में उन्हें थोड़ी तकलीफ हुई। 
    3 . सरदार और पढ़ाई 
    सरदार वल्लभ भाई पटेल एक किसान परिवार से थे। इस वजह से उनके परिवार की आर्थिक हालत इतनी अच्छी नहीं थी। पढ़ाई के लिए भला खर्चा करने की वह सोच भी नहीं सकते थे।  
    4 . सरदार और उनका त्याग 
    सरदार वल्लभाई पटेल को विलायत जाकर अपनी बैरिस्टर की पढाई करनी थी। उन्होंने पाई पाई जोड़कर विलायत जाने के पैसे भी जमा कर लिए। 
    5 . सरदार का संयम 
    एक बार उनकी पत्नी की तबियत बहुत ख़राब थी। इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी को इलाज के लिए मुंबई के एक असप्ताल में दाखिल करवा दिया और खुद गुजरात लौट आए। एक दिन जब वो कोर्ट में केस लड़ रहे थे तब उन्हें अचानक ही पत्नी के निधन की खबर मिली। 
    6 . सरदार और गांधी 
    7 . सरदार का संत्याग्रह 
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