ऑपरेशन सिंदूर - गुप्त नायकों की अनदेखी कहानी
AMULYA MISHRA
Publisher: MISHRA AMULYA
Summary
ऑपरेशन सिंदूर: गुप्त नायकों की अनदेखी कहानी एक जबरदस्त भारतीय थ्रिलर है जो देश की सबसे खतरनाक गुप्त लड़ाई के भीतर ले जाती है — वह युद्ध जो कैमरों से दूर और इतिहास की नजरों से छिपकर लड़ा जाता है।जब भारत के अलग-अलग शहरों में आतंकवादी घटनाएँ, साइबर हमले और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन अचानक बढ़ने लगते हैं, तब खुफिया एजेंसियाँ एक भयानक सच्चाई उजागर करती हैं — देश के भीतर एक गहरा और संगठित स्लीपर-सेल नेटवर्क सक्रिय हो चुका है।इस खतरे को रोकने के लिए शुरू किया जाता है ऑपरेशन सिंदूर — एक ऐसा गोपनीय मिशन जिसमें साइबर योद्धा, अंडरकवर एजेंट और विशेष कमांडो मिलकर आतंक के इस जाल को तोड़ने निकलते हैं।यह उपन्यास केवल बंदूकों और धमाकों की कहानी नहीं है, बल्किसाइबर वॉरफेयर, मनोवैज्ञानिक युद्ध, जासूसी और अदृश्य बलिदान की भी कहानी है।यह उन अनदेखे नायकों को समर्पित हैजो बिना नाम और पहचान के भारत को सुरक्षित रखते हैं।👤 About the AuthorAmulya Mishra भारत के प्रमुख थ्रिलर और हॉरर लेखकों में से एक हैं। वे जासूसी, साइबर युद्ध, राष्ट्र सुरक्षा, हॉरर और षड्यंत्र आधारित कहानियों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके सैकड़ों ई-बुक, ऑडियोबुक और पॉडकास्ट Amazon, Spotify और YouTube पर उपलब्ध हैं।Amazon Author Page: https://www.amazon.com/author/amulyaYouTube – DiverseDelightTV: http://www.youtube.com/@DiverseDelightTVYouTube – Fear Flix: http://www.youtube.com/@FearFlix-x7pYouTube – Laughing BiryaniContact: amulyamishra1989@gmail.com🧾 Author DescriptionAmulya Mishra ऐसे लेखक हैं जोतकनीक, आतंक, जासूसी और अंधेरे रहस्यों को कहानियों में बदलते हैं।उनकी रचनाएँ उन अदृश्य युद्धों को उजागर करती हैं जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए लड़े जाते हैं।ऑपरेशन सिंदूर: गुप्त नायकों की अनदेखी कहानी© 2026 अमूल्य मिश्रासर्वाधिकार सुरक्षित।इस पुस्तक का कोई भी भाग — चाहे वह पाठ, कथानक, पात्र, अध्याय, ऑडियोबुक संस्करण, या किसी भी रूप (डिजिटल, प्रिंट, ऑडियो, पॉडकास्ट या अन्य माध्यम) में हो — लेखक की लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार से पुनः प्रकाशित, प्रतिलिपि, रिकॉर्ड, वितरित, प्रसारित या व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता, सिवाय संक्षिप्त उद्धरणों के जो समीक्षा या शैक्षणिक उद्देश्य से उपयोग किए जाएँ।यह पुस्तक एक काल्पनिक कृति है। इसमें वर्णित नाम, पात्र, स्थान, घटनाएँ, संगठन और परिस्थितियाँ या तो लेखक की कल्पना हैं या काल्पनिक रूप से प्रस्तुत की गई हैं। किसी भी वास्तविक व्यक्ति, जीवित या मृत, या किसी वास्तविक घटना या संस्था से कोई समानता पूर्णतः संयोग मात्र है।इस पुस्तक में व्यक्त विचार, कथानक और घटनाएँ किसी भी सरकार, एजेंसी, संगठन या व्यक्ति की वास्तविक नीतियों या कार्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।यह कृति भारत के कॉपीराइट अधिनियम तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा कानूनों के अंतर्गत संरक्षित है। इस पुस्तक की किसी भी प्रकार की अनधिकृत नकल, पायरेसी या वितरण कानूनी अपराध है और इसके लिए दीवानी एवं आपराधिक दंड का प्रावधान है।इस कृति के सभी डिजिटल, प्रिंट, ऑडियो, अनुवाद, पॉडकास्ट, फ़िल्म और अन्य व्युत्पन्न अधिकार पूर्णतः लेखक के पास सुरक्षित हैं।
