Madame Curie
Vinod Kumar Mishra
Narrador Ila Joshi
Editorial: Storyside IN
Sinopsis
पोलैंड के एक अति सामान्य परिवार में जनमी मैडम क्यूरी, दुनिया के श्रेष्ठतम वैज्ञानिकों में से एक अपने आप में विलक्षण प्रतिभा थीं— फ्रांस की प्रथम डॉक्टरेट पानेवाली महिला दुनिया के किसी भी भाग में भौतिकी में डॉक्टरेट पानेवाली प्रथम महिला सोरबोन विश्वविद्यालय की पहली महिला प्रोफेसर भौतिकी में नोबल पुरस्कार पानेवाली प्रथम महिला दूसरा नोबल पुरस्कार पानेवाली प्रथम व्यक्तित्व। उपर्युक्त असाधारण प्रदर्शन करने-वाली मैरी क्यूरी को अत्यंत गरीबी, निरादर, अभावों का सामना करना पड़ा। खुले, खतरनाक व असुविधाजनक शेड में अपर्याप्त उपकरणों के उन्होंने दुनिया का विलक्षण तत्त्व 'रेडियम' खोज निकाला। अनुसंधान ही नहीं, सादगी, दान व सेवा में भी वे प्रथम रहीं। वे एक आदर्श पुत्री, आदर्श पत्नी, आदर्श पुत्रवधू, आदर्श माता, आदर्श सास बनीं। वे एक असाधारण शिक्षिका भी थीं। उन्होंने अनेक विद्वान् व वैज्ञानिक तैयार किए। हालाँकि उनके बाद आठ और महिलाओं को नोबल पुरस्कार मिला, पर मैडम की तुलना में अब भी कोई नहीं है। उन्होंने इस बात को भी प्रमाणित किया कि शांति-काल में वैज्ञानिक सारी दुनिया का होता है, पर युद्ध-काल में वह अपने देश का ही होता है। विश्वास है, मैडम क्यूरी के जीवन से प्रेरणा प्राप्त युवा पीढ़ी, विशेषत: युवतियाँ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान आदि के क्षेत्र में अपूर्व योगदान करेंगी। इला जोशी की आवाज़ में मैडम क्यूरी की ये आत्मकथा ऑडियोबुक के रूप लोगों को बेहद पसंद आने वाली है।
Duración: alrededor de 5 horas (04:54:41) Fecha de publicación: 15/12/2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

