Jal Thal Mal
Sopan Joshi
Narrador Mangat Ram
Editora: Storyside IN
Sinopse
शौचालय का होना या न होना भर इस किताब का विषय नहीं है| यह तो केवल एक छोटी सी कड़ी है, शुचिता के तिकोने विचार में| इस त्रिकोण का अगर एक कोना है पानी, तो दूसरा है मिटटी, और तीसरा है हमारा शरीर| जल, थल और मल| पृथ्वी को बचाने की बात तो एकदम नहीं है| मनुष्य की जात को खुद अपने को बचाना है, अपने आप ही से| पुराना किस्सा बताता है की समुद्र मंथन से विष भी निकलता है और अमृत भी| यह धरती पर भी लागू होता है| हमारा मल या तो विष का रूप ले सकता है या अमृत का| इसका परिणाम किसी सरकार या राजनीतिक पार्टी या किसी नगर की नीति-अनीति से तय नहीं होगा| तय होगा तो हमारे समाज के मन की सफाई से| जल, थल और मल के संतुलन से|
Duração: aproximadamente 8 horas (07:41:30) Data de publicação: 29/06/2020; Unabridged; Copyright Year: 2020. Copyright Statment: —

