¡Acompáñanos a viajar por el mundo de los libros!
Añadir este libro a la estantería
Grey
Escribe un nuevo comentario Default profile 50px
Grey
Suscríbete para leer el libro completo o lee las primeras páginas gratis.
All characters reduced
मुझे सर्दियाँ पसंद हैं - cover

मुझे सर्दियाँ पसंद हैं

Shelley Admont, KidKiddos Books

Editorial: KidKiddos Books

  • 0
  • 0
  • 0

Sinopsis

सर्दियों का मौसम बर्फ में खेलने के लिए खूबसूरत और मजेदार होता है, लेकिन छोटा खरगोश जिमी ठंड के मौसम के लिए तैयार नहीं था। एक बार जब वह सीख लेता है कि  खुद को कैसे गर्म रखना है, तो वह आखिरकार अपने परिवार के साथ बाहर समय बिताने का आनंद लेता है।
Disponible desde: 20/01/2023.
Longitud de impresión: 34 páginas.

Otros libros que te pueden interesar

  • अफसर के रिटायरमेंट का दर्द - cover

    अफसर के रिटायरमेंट का दर्द

    धोंडो केशव कर्वे

    • 0
    • 0
    • 0
     व्यंग्य लेखन से मेरा उद्देश्य लोगों का मजाक उड़ाकर उन्हें हँसी का पात्र बनाकर सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करना नही है ।  
    समाज में कुछ ऐसी बातें व्याप्त है, जो आम आदमी ठगे जाने के बाद भी समझ नहीं पाता है और दिन प्रतिदिन पिसता जाता है ।  
    ऐसी बातों को अपने लेखों ओैर व्यंग्यों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना ही मेरा उद्देश्य रहा है ।  
        इसके अलावा ऐसे लोगों को भी दर्पण दिखाना रहा है जो छल कपट चोरी ,बेईमानी करने के बाद भी समझते है कि उन्होने कुछ नहीं किया है और उनके बारे में लोगों को कुछ नहीं मालूम है, जबकि समाज में इसके विपरीत उल्टा असर रहता है ।  
        हमारा भारतीय समाज दहेज प्रथा, जातिप्रथा, धार्मिकता, अंधविश्वास, गरीबी, बेकारी आदि आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, बुराईयों से ग्रस्त है,  
    जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित, देश का आम आदमी है और आम आदमी को ही अपने लेखों का नायक बनाकर प्रायः व्यंग्य लिखे गये हैं । जिसमें अधिक से अधिक समस्याओं को हल सहित उठाये जाने का प्रयास किया गया हैं। 
        आस पास में व्याप्त विषमताओं चेहरे पर चेहरे लगाये, रंग बदलते चेहरे को देखकर उन्हें सरल सीधे शब्दो में बिना लाग लपेट के व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है  
    और व्यंग्य ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा अपने और अपनो पर चोट करके लोगो को समझाया जा सकता है ।
    Ver libro
  • धागे मोह के - cover

    धागे मोह के

    रोहिदास सानप

    • 0
    • 0
    • 0
    स्नेहा सिंह की काव्य संग्रह "धागे मोह के " सुनिए नेहा के साथ
    Ver libro
  • Khwahis - cover

    Khwahis

    आयुषी खरे

    • 0
    • 0
    • 0
    दिल वालों के भारत के दिल में बसे इक शहर की ये कहानी, कहानी एक मुहब्बत की, कहानी दो दिलों की. दिल! दिल, इस ही से तो शुरू होता है, हर फ़साना; इस ही पर तो मुकम्मल होती है हर मुहब्बत. हर एहसास का ठिकाना, हर दिल्लगी की रहगुज़र, ये दिल. मिलिए राजीव और सरगम से, आपकी अपनी ज़िन्दगी से इत्तेफ़ाक रखती उनकी ज़िन्दगी से, कुछ हकीकतों से, बेहद और बेशर्त मुहब्बत से और इक ख़्वाहिश से, मुहब्बत की इस खूबसूरत दास्ताँ ख़्वाहिश में...
    Ver libro
  • सरहद के जवान - cover

    सरहद के जवान

    Amit sharma

    • 0
    • 0
    • 0
    कवि एक देशभक्त है। इस कविता द्वारा उसने सेना के जवान की मनोभावनाओं को व्यक्त किया है। कवि बताया है कि कैसे सेना का ये वीर सरहद पर तत्पर रहता है। वो दुश्मन की आहट को सुन लेता 
    है, और उसको माकूल जवाब देता है। उसका सीना फौलादी है और आँखों में देश के लिये मर मिटने का जुनून है। जब सरहद पर से उसे कोई छेड़ता है तो वो आर पार की लड़ाई करता है। खून की होली वो खेलता है और दुश्मन को रोंदता है। वो जमीं, आसमान और समुद्र की सीमा से दुश्मन पर अंगारों की बौछार करता है और अपने देशवासियों की हर कीमत पर सुरक्षा करता हैयुद्ध होने पर वो न अपने भूख,प्यास और न ही आराम की चिंता करता है। शेर की तरह दहाड़ता हुआ लोहा लेता है और दुश्मन का सफाया करता है।सीने पर गोली खा कर और हँसते - हँसते वन्देमातरम कहते हुऐ वो शहीद हो जाता है। उसकी शहादत कई जवानों के लिए एक मिसाल कायम करती है। और हार न मानो कभी ये होंसला देते हैं ।। 
    ।
    Ver libro
  • Team Always Win - cover

    Team Always Win

    पूनम ठाकुर

    • 0
    • 0
    • 0
    अगर वास्तव में आप अपने जीवन में, जो सोचा है, वह पाना चाहते हैं तो यह पुस्तक आपके लिए है। यह पुस्तक हर एक व्यक्ति के लिए है, चाहे वह किसी भी फील्ड में हो, अपना व्यवसाय हो, नौकरी में हो, हाउस वाइफ हो या विद्यार्थी हो। हर एक पड़ाव में टीम को साथ लेकर ही चलना होता है। अकेला इंसान बड़ा नहीं बनता, बड़े लेवल पर जाने के लिए अच्छी टीम का होना बहुत जरूरी है। यह पुस्तक टीम में छिपी हुई संभावनाओं को खोजने और उनका दोहन करने में आपकी मदद करेगी। टीम के हर सदस्य के अंदर छुपे हुए लीडर को बाहर निकालने में यह पुस्तक आपको मदद करेगी, साथ-साथ टीम की मानसिकता में बदलाव करेगी। 
     इस पुस्तक का महत्व शिक्षा से भी आगे है। यह उन लोगों के लिए है, जो प्रतिभा को विकसित करना चाहते हैं ओर उन अभिभावकों के लिए भी, जो अपने परिवार को एक टीम की भाँति चुनौती के माहौल में बढ़ते हुए देखना चाहते हैं।
    Ver libro
  • भारतीय डरावनी रातें - डर सिर्फ अंधेरे में नहीं होता… वह वहीं रहता है जहाँ इंसान सच बोलने से डरता है।” - cover

    भारतीय डरावनी रातें - डर सिर्फ...

    Amulya Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    इंडियन हॉरर नाइट्स – अमूल्या मिश्रा द्वारा 
     19 कहानियाँ। एक रात। और डर जो कभी खत्म नहीं होता। 
    रात बीती, मगर नींद नहीं आई। 
     बरगद के नीचे कुछ था — जो सुनता भी था, और बोलता भी। 
     और अगली अमावस्या से पहले, वह सिर्फ नाम पुकारता नहीं था… 
     वह नाम लेता था। 
    भारत की भूमि पर जितनी कहानियाँ जीवित हैं, उतने ही भूत भी। 
     इंडियन हॉरर नाइट्स — 19 डरावनी कहानियों का संग्रह, जो आपको लोककथा, विश्वास और पाप की सीमा तक ले जाएगी। 
    यह सिर्फ डर की किताब नहीं — यह भारत के अंधेरे हिस्सों का नक्शा है। 
     हर अध्याय एक नए राज्य, एक नए श्राप, और एक नई आत्मा की कहानी कहता है। 
    🩸 शामिल कहानियाँ:बरगद की फुसफुसाहट (केरल)मलचा महल का मध्यरात्रि रहस्य (दिल्ली)कुएँ की दुल्हन (राजस्थान)बनारस घाटों की आवाज़ें (उत्तर प्रदेश)हाईवे की चुड़ैल (झारखंड)हवेली का आईना (लखनऊ)अघोरी का श्राप (वाराणसी)ऊटी का कमरा 207 (तमिलनाडु)नागिन का प्रतिशोध (छत्तीसगढ़)शनिवारवाड़ा की चुप्पी (पुणे) (और कई और…) 
    🕯️ लेखक: अमूल्या मिश्रा 
     📖 उपलब्धता: Amazon.com और Kindle पर
    Ver libro