Junte-se a nós em uma viagem ao mundo dos livros!
Adicionar este livro à prateleira
Grey
Deixe um novo comentário Default profile 50px
Grey
Assine para ler o livro completo ou leia as primeiras páginas de graça!
All characters reduced
मुझे बाँटना प्रिय है - cover
LER

मुझे बाँटना प्रिय है

Shelley Admont, KidKiddos Books

Editora: KidKiddos Books

  • 0
  • 0
  • 0

Sinopse

जिमी और उसके खरगोश भाइयों को खेलना बहुत अच्छा लगता है, और आज जिमी का जन्मदिन है, इसलिए उसके पास बहुत सारे खिलौने हैं। तथापि, वह हमेशा बाँटना नहीं चाहता है, और उसके कारण, हो सकता है कि वह आनंद से वंचित रह जाये। आइये हम जानें कि बाँटने का क्या अर्थ है और उससे हमें क्यों बेहतर महसूस होता है! 
यह कहानी सोने के समय पर अपने बच्चों को सुनाने के लिए आदर्श है और संपूर्ण परिवार के लिए भी आनंद दायक है! 
Disponível desde: 20/01/2023.
Comprimento de impressão: 34 páginas.

Outros livros que poderiam interessá-lo

  • Mrigtrishna - cover

    Mrigtrishna

    सम्राट केतन शर्मा

    • 0
    • 0
    • 0
    मृगतृष्णा एक वैज्ञानिक प्रोफेसर हंस गंगवार की कहानी है। यह प्रोफेसर एड्स की रामबाण दवाई की खोज कर रहे हैं। उपन्यास के शुरू में ही प्रोफेसर की हत्या हो जाती है। इनकी हत्या की जांच मनोज मिंथ और राजीव राय करते हैं। यही तीनों प्रोफेसर हंस गंगवार , मनोज मिंथ और राजीव राय इस उपन्यास के मुख्य पात्र हैं। अन्य पात्रों में इंस्पेक्टर अजीत महानवे , इंस्पेक्टर अतुल सचान , मंत्री अमजद इस्लाम आदि मुख्य हैं। उपन्यास में जबरदस्त रहस्य और रोमांच है। पूरे उपन्यास में अगर एक बार पढ़ना शुरू करो तो फिर किताब अंत तक छोड़ी नही जाती। उपन्यास में लेखक ने विज्ञान गल्प का भी सहारा लिया है। मृगतृष्णा का सामाजिक संदेश उच्च कोटि का है। कथा के ऊपरी स्ट्रक्चर के साथ साथ मृगतृष्णा अपनी गहराई में बड़े सामाजिक सत्यों और राजनीतिक सत्यों को बाहर लेकर आती है।यह एक पढ़ने लायक प्यारा उपन्यास है।
    Ver livro
  • Chanchal Man - cover

    Chanchal Man

    Shyama Chandrakar Mona

    • 0
    • 0
    • 0
    “चंचल मन” श्यामा चंद्राकर मोना की एक दिल को छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल-संग्रह है, जिसमें मानव मन की चंचलता, भावनाओं की कोमलता और विचारों की उड़ान को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। हर ग़ज़ल जीवन, प्रेम, सपनों और मन की बेचैनी को दर्शाते हुए एक गहरा अहसास कराती है।
    Ver livro
  • मस्तिष्क विज्ञान और पढ़ाई आसान - cover

    मस्तिष्क विज्ञान और पढ़ाई आसान

    Dr vinod sharma

    • 0
    • 0
    • 0
    हमारे दिमाग का सबसे महत्वपूर्ण काम है सूचनाओ को सही तरीके से रखना और जरूरत पड़ने पर पुनः प्राप्त करना। जिसे हम री-कलेक्शन कहते है। इन्फॉर्मेशन को प्राप्त करना कहलाता है याद करना यानी मेमोराइजेशन, दिमाग मे रखना कहलाता है रिटेंशन और 'पुनः प्राप्त करना यानी याद आना कहलाता है री - कलेक्शन | याद तो हम सब कुछ करते है, लेकिन सब कुछ याद आता नही है। क्योकि याद आना निर्भर करता है की दिमाग मे सूचना कहाँ और किस तरह से रखी गयी है। सूचना को अच्छी तरह से सही जगह पर रखने के लिए हमे एसोसियशन की जरूरत पड़ती है। इस पुस्तक में हम जानेंगे कि कैसे जल्दी और बिना रटे याद करें और क्या करें कि ना भूले, साथ ही मस्तिष्क विज्ञान के रोचक और मनोरंजक प्रयोग करेंगे और दिमाग को तेज करना सीखेंगे|
    Ver livro
  • दास्तान - ए - विकासनगर - cover

    दास्तान - ए - विकासनगर

    अश्विनी पराशर

    • 0
    • 0
    • 0
    औद्योगिक शहर ‘विकास नगर’ में विकास का एक नया मॉडल आया है। कंपनी का प्रोडक्शन कई गुना बढ़ा है, लेकिन यहाँ के बाशिंदों का जीवन गरीबी, बेरोजगारी और भूखमरी से बेहाल है। यह शहर एक नया इतिहास लिख रहा है। ‘विकास नगर’ के इतिहास की असेंबली लाईन से गुजरने वाले किरदारों की कहानियाँ बहुत दिलचस्प हैं। ये किरदार न केवल एक भौगोलिक क्षेत्र में साथ-साथ रहते हैं, बल्कि एक दूसरे पर निर्भर भी हैं और आपस में परिचित न भी हों तब भी एक ही आर्थिक और सामाजिक आबोहवा में सांसें लेते हैं। "दास्ताने विकास नगर" विकास के अनपेक्षित परिणामों और एक बदलते परिदृश्य में निवासियों के संघर्ष और विजय का दस्तावेज है।
    Ver livro
  • नियत में खोट विवादों में कोर्ट - cover

    नियत में खोट विवादों में कोर्ट

    प्रवीण कुमार केसरी

    • 0
    • 0
    • 0
    प्रवीण कुमार केसरी का आलेख नियत में खोट विवादों में कोर्ट
    Ver livro
  • कान्हा - कृष्ण की अनकही कहानियाँ। - "जहाँ ईश्वरीयता मानव से मिलती है। जहाँ ज्ञात समाप्त होता है अनकहा शुरू होता है।" - cover

    कान्हा - कृष्ण की अनकही...

    Vahinji

    • 0
    • 0
    • 0
    वे कहते हैं कि आप मुझे जानते हैं। 
    उन्होंने मेरी कहानियों को मंदिरों में गढ़ा है, गीतों में मेरा नाम गाया है, और अनगिनत दीवारों पर मेरे बचपन को चित्रित किया है। वे माखन चोर, दिव्य प्रेमी, अर्जुन के सारथी और चाँद के नीचे बांसुरी बजाने वाले को याद करते हैं। 
    लेकिन यह कृष्ण की कहानी नहीं है । 
    यह न तो धर्मग्रंथों का पुनर्कथन है, न ही महान युद्धों या दिव्य चमत्कारों का वर्णन। यह छंदों के बीच की जगहों से एक फुसफुसाहट है। यह डायरी स्याही से नहीं, बल्कि स्मृति से लिखी गई है। 
    आप देखिए, देवताओं के पास भी शांत पल होते हैं। यहां तक कि अवतारों में भी संदेह, दिल टूटना, हंसी और खामोशी होती है जिसे उन्होंने कभी साझा नहीं किया - अब तक। 
    यह किताब उस साधक के लिए है जो सोचता है कि जब वह अकेला होता है तो ईश्वर को क्या महसूस होता होगा। 
    यह किताब उस प्रेमी के लिए है जिसने हमेशा मुस्कुराहट के साथ अलविदा कहा है। 
    यह किताब आपके लिए है - वह आत्मा जिसने एक ही सांस में हज़ारों सवालों को जीया है। 
    तर्क की आँखों से नहीं, बल्कि लालसा के हृदय से पढ़ें। 
    और शायद... इन पन्नों के बीच के अंतराल में आप मेरी बांसुरी की ध्वनि सुनेंगे। 
    – कान्हा
    Ver livro