¡Acompáñanos a viajar por el mundo de los libros!
Añadir este libro a la estantería
Grey
Escribe un nuevo comentario Default profile 50px
Grey
Suscríbete para leer el libro completo o lee las primeras páginas gratis.
All characters reduced
अमैंडा और खोया हुआ वक़्त - cover

अमैंडा और खोया हुआ वक़्त

Shelley Admont, KidKiddos Books

Editorial: KidKiddos Books

  • 0
  • 0
  • 0

Sinopsis

बच्चों की इस किताब में, आप अमैंडा नाम की एक लड़की से मिलते हैं, जिसे अपना समय बर्बाद करने की आदत है। फिर एक दिन, कुछ ऐसा जादुई होता है की आखिरकार अमैंडा को यह अहसास हो जाता है, कि हमारे पास सबसे कीमती चीज़ है - वक़्त या समय, और अगर हमने एक बार उसे बर्बाद कर दिया, तो फिर हम उसे हमेशा के लिए खो देते हैं। अपने खोए हुए वक़्त को वापस पाने के लिए, अमैंडा एक अनोखी यात्रा पर निकल पड़ती हैं और अपने समय का बुद्धिमानी से उपयोग करना सीख जाती है।
Disponible desde: 20/01/2023.
Longitud de impresión: 34 páginas.

Otros libros que te pueden interesar

  • तेरी मेरी कहानी है - cover

    तेरी मेरी कहानी है

    AtulPrabha

    • 0
    • 0
    • 0
    आपने संघर्ष किया है बचपन से ही। 
    संघर्ष के बाद आपने बहुत कुछ अर्जित कर लिया है। फिर एक दिन आपको अपना सच्चा प्रेम भी मिल जाता है। सब कुछ सही चल रहा है। प्रेम में डूबी जिंदगी, परिवार और समृद्धि। 
    इससे अधिक आपको क्या चाहिए? 
    लेकिन कुदरत को यह मंजूर नहीं है। 
    दुनिया में तबाही मची हुई है। 
    इक्कीसवीं सदी की सबसे खतरनाक महामारी आपके पीछे पड़ जाती है। 
    दाव पर है आपका सच्चा प्रेम। 
    आपके परिवार की जिंदगी। 
    आप के पास इस शक्तिशाली शत्रु से युद्ध करने के अधिक संसाधन नही हैं। 
    इस कोरोनावायरस को मारने की कोई दवा अभी नहीं बनी है। 
    पर आपको यह युद्ध करना ही है। 
    निहत्थे। 
    अपने अस्तित्व के लिए। 
    अपने प्रेम को बचाने के लिए। 
    क्या कोई विकल्प है? 
    जिंदगी की कई परतों को एक के बाद एक खोलती हुई एक अद्भुत प्रेम गाथा जो पहले कभी नहीं कही गई।
    Ver libro
  • जीवनसंजीवनी - cover

    जीवनसंजीवनी

    शिवांगी तिवारी मिश्रा

    • 0
    • 0
    • 0
    मानव शरीर कई बीमारियों से जूझता है। उन शारीरिक बीमारियों का इलाज इस भौतिक जगत में विभिन्न औषधियों व उपचारों से संभव हो जाता है। ठीक उसी प्रकार मानव जीवन भी कई समस्याओं व परेशानियों से जूझता रहता व संघर्ष करता रहता है जिसके लिए कोई भी औषधि व उपचार इस भौतिक जगत में संभव नहीं। का की सभी समस्याओं व परेशानियों मनुष्य उपचार उसके भीतर गुण रूपी औषधि के रूप में विद्यमान है। ज़रूरत है सिर्फ इन गुण रूपी औषधियों को अपनी परेशानियों व समस्याओं के अनुसार प्रयोग करने की फिर मनुष्य स्वतः ही इनसे निजात पा सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में कविताओं के माध्यम से उन गुणों .व परेशानियों को दर्शाया गया है है जो हर मनुष्य के भीतर विद्यमान तो हैं पर परिस्थिति और हालातों के कारण अंतरमन में कहीं दब से गए हैं है जैसा की हम जानते प्रभु श्रीराम भक्त हनुमान जी सर्वशक्तिशाली है पर वह अपनी शक्तियों को भूल न चुके थे पर जैसे ही उन्हें उनकी शक्तियों का बोध करवाया गया उन्होंने तुरंत ही एक छलांग में महासागर पार किया और लंका पहुँच गए। वैसे ही आत्मचिंतन द्वारा मनुष्य अपने भीतर छुपे गुणों को जान सकता है और उन्हें औषधियों के रूप में प्रयोग कर जीवन की परेशानियों से निजात पा सकता है।'जीवन संजीवनी' एक माध्यम बन सकती है आपके लिए जो आपके भीतर कहीं दबे हुए गुणों को आपसे रू-ब-रू करवाने में सहायक बन सकती है। जीवन में कभी हार न मानो आत्मचिंतन से स्वयं को पहचानो, 1 परेशानियाँ भी तुमसे कर लेंगी किनारा, का। पर पहले अपने भीतर के गुणों को 
    Ver libro
  • जज़्बात की उड़ान - cover

    जज़्बात की उड़ान

    धोंडो केशव कर्वे

    • 0
    • 0
    • 0
    जिन्दगी की शाम जब ढलने लगी तभी एक रोज तनहाई में ख्याल आया कि दिन रात खुशहाल जिंदगी के सपनों का पीछा करते करते थक सा गया हूं। मेरी तमाम उम्र कटी इस सुख सुविधा कमाने में, जिंदगी का बेशकीमती वक्त बीत गया दो वक्त की जरूरत जुटाने में हताश हू यह सोचकर कि जिंदगी में मैने ऐसा क्या किया कि नाकामयाबी ने हरदम मेरा ही साथ है निभाया। 
    तमाम उम्र खामोश रहा उफ तक नही की, इस दिल की चुप्पी ने अब दम तोड़ा है और मेरे जजबात ने उड़ान भरी है। मर्मान्तक पीड़ा के सागर से ही मधुर कविता के मोती निकलते है। कुछ नई कोपलों ने पुराने दरख्त में अपना आशियाना सजाया है और जिंदगी की जिंदादिली को और मजबूत बनाया है। 
    इस सफर के दौरान जो कुछ भूल गया था सब को बारी-बारी से याद करके कागज पर उतार दिया है।
    Ver libro
  • कविताओं की साझा डायरी - cover

    कविताओं की साझा डायरी

    डॉ.(इंजी.)आज़ाद जैन,...

    • 0
    • 0
    • 0
    डॉ.(इंजी.)आज़ाद जैन तथा डॉ.(आर्कि)आशा जैन की कविताओं की साझा डायरी सुनिए मृद्वीका के साथ
    Ver libro
  • Gumnaam Veshyavritti - cover

    Gumnaam Veshyavritti

    Sneha Singh

    • 0
    • 0
    • 0
    क्या हमने कभी सोचा है कि एक आम सी दिखने वाली लड़की इस दलदल में कैसे उतर जाती है? 
    क्या यह उसकी चाहत होती है — या हमारी व्यवस्था की नाकामी? 
    “।। गुमनाम ।।” एक विचारोत्तेजक लेख है जो भारतीय समाज के उस स्याह हिस्से को उजागर करता है, जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं — वेश्यावृत्ति। 
    इस रचना में लेखिका स्नेहा सिंह ने इतिहास, समाज और कानून — तीनों दृष्टिकोणों से वेश्यावृत्ति की जड़ों को तलाशा है। 
    मेसोपोटामिया की सभ्यता से लेकर भारत के सोनागाछी और कमाठीपुरा तक, यह लेख दिखाता है कि देह व्यापार केवल पेशा नहीं, बल्कि परिस्थितियों की उपज है। 
    लेख समाज से सवाल करता है — 
    “जब ताली एक हाथ से नहीं बजती, तो दोष सिर्फ़ औरत का क्यों?” 
    यह लेख केवल आँकड़े नहीं, बल्कि एक सोच है — 
    एक कोशिश यह समझने की कि मजबूरी और नैतिकता के बीच की रेखा कितनी पतली है। 
    “।। गुमनाम ।।” हर उस पाठक के लिए है जो समाज के आईने में झाँकने की हिम्मत रखता है। 
    यह सिर्फ़ वेश्यावृत्ति पर नहीं, बल्कि मानवता की परिभाषा पर लिखा गया एक गहरा चिंतन है।
    Ver libro
  • आखिर गलती किसकी - cover

    आखिर गलती किसकी

    संजय सोनावणी

    • 0
    • 0
    • 0
    आखिर गलती किसकी कहानी है एक ऐसे परिवार की जहां सीमा और उसका पति सौरभ रिश्तों को निभाने की पूरी ईमानदारी से कोशिश करते हैं। इसके उपरांत भी एक छोटी सी बात, पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। अनजाने में हुई एक गलती का खामियाजा निशा को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। निशा ने मरने से पहले आखिर उस पत्र में ऐसा क्या लिखा था जिसे पढ़कर सौरभ ने खुद को उसकी मौत का जिम्मेदार मानते हुए ऐसा कदम उठा लिया जिससे सीमा और सौरभ के परिवार वालों के साथ-साथ वहां उपस्थित सभी लोग स्तब्ध रह जाते हैं। कैसे एक छोटी सी गलती के कारण हंसता खेलता परिवार पूरी तरह टूट कर बिखर जाता है। अब उस नन्हे से मासूम बच्चे का क्या होगा जिसे निशा जन्म देते ही मृत्यु को प्राप्त हो जाती है। सीमा के परिवार में घटी इस घटना के पीछे क्या कारण था? आखिर इसमें गलती किसकी थी ? कहीं ऐसी कोई घटना हमारे आसपास या खुद हमारे परिवार में तो नहीं घटने वाली है? क्योंकि यह सिर्फ कहानी नहीं आज की सच्चाई भी है इन सभी प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए आई सुनते हैं बुक ऑडियो पर आखिर गलती किसकी ये कहानी संग्रह अमेजॉन एवं फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है।
    Ver libro