Attila - Malgudi Days by R K Narayan - अत्तिला - मालगुडी डेज़ आर के नारायण
R. R.K.Narayan
Narrador R. R.K.Narayan
Editorial: LOTUS PUBLICATION
Sinopsis
Attila - Malgudi Days by R. K. Narayan - अत्तिला - मालगुडी डेज़ आर. के. नारायण "यह कहानी 'अत्तिला' नामक एक प्यारे से कुत्ते की कहानी है। एक परिवार जिसके पड़ोस में आए दिन कोई-ना कोई नया रहने चला आता है, वे एक दिन अपनी सुरक्षा के लिए कुत्ता लेकर आते हैं। यह कुत्ता बहुत प्यार होता है, सभी के साथ आसानी से घुल-मिल जाता है और अपने बाग़ से दूसरों को फूल भी चुराने देता है। परिवार के लोग कुत्ते को रात में घर के अंदर ही रखते हैं। एक रात, रंगा नामक एक चोर गहने चोरी करने के लिए आता है। अत्तिला उसे अपना दोस्त बनाने के लिए इतना उत्साहित होता है कि वह उसका पीछा करने लगता है। परिवार को लगता है कि गहनों के साथ कुत्ता भी चोरी हो गया, लेकिन वे अत्तिला को चोर का पीछा करते हुए देखते हैं। रंगा डर के मारे सारे गहने वापस कर देता है। पुलिस रंगा को गिरफ्तार करती है और अत्तिला की प्रशंसा होती है।"लेखक आर. के. नारायण “ मालगुडी डेज” भारत के प्रख्यात लेखक आर.के.नारायण द्वारा रचित एक काल्पनिक शहर की कहानी है और इसी तर्ज पर कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग ने इस पर 1986 में एक टीवी सीरियल का निर्देशन भी किया, जिसे 'मालगुडी डेज़' कहते हैं। मालगुडी, दक्षिण भारत के मद्रास से कुछ घंटों की दूरी पर स्थित एक काल्पनिक गाँव है जो की आर.के.नारायण की ही कल्पना थी। यह शहर मेम्पी जंगल के पास सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है। इस जगह की वास्तविकता के बारे में खुद आर.के.नारायण भी अनजान थे। कई लोग इसे कोइम्बतुर में मानते हैं क्योंकि वहां पर भी ऐसी ही इमारतें और घर थे।
Duración: 12 minutos (00:11:52) Fecha de publicación: 16/04/2025; Unabridged; Copyright Year: — Copyright Statment: —

