Jati Vyavstha aur Pitrisatta
ई.वी. रामासामी पेरियार, Periyar E.V. Ramaswamy
Narrador Kamal Sharma
Editorial: Storyside IN
Sinopsis
जाति और पितृसत्ता ई.वी. रामासामी नायकर 'पेरियार' के चिन्तन, लेखन और संघर्षों की केन्द्रीय धुरी रही है। उनकी दृढ़ मान्यता थी कि इन दोनों के विनाश के बिना किसी आधुनिक समाज का निर्माण नहीं किया जा सकता है। जाति और पितृसत्ता के सम्बन्ध में पेरियार क्या सोचते थे और क्यों वे इसके विनाश को आधुनिक भारत के निर्माण के लिए अपरिहार्य एवं अनिवार्य मानते थे? इन प्रश्नों का हिन्दी में एक मुकम्मल जवाब पहली बार यह किताब देती है।ऑडियो में यह किताब साहित्य प्रेमियों के लिए उपहार है, जहाँ वो एक तरफ़ आवाज़ के जादू में बंधते चले जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ समाज को देखने का एक नज़रिया भी उन्हें हासिल होता है।
Duración: alrededor de 5 horas (05:25:38) Fecha de publicación: 04/11/2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

