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Nayi Peedhi Ki Nayi Chunautiyan
Sanjay Arzoo
अभिजीत को समझते देर न लगी, ज़रूर यह काग़ज़ नंदा ने ही भेजा है। अभिजीत ने जिज्ञासा से काग़ज़ को लगभग झपटते हुए लिया और जल्दी से खोलकर पढ़ना चाहा। पत्र नंदा ने ही अभिजीत के लिए भेजा था। अभिजीत पढ़ने लगा- 'अभिजीत जी मुझे हृदय से दुःख हुआ आपकी पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में जानकर। कोई भी बेटी अपने पति के घर सहृदय और नये जीवन की आसीम संभावनाओं के साथ आती है। संभवत आपकी पत्नी भी इन्हीं सब भावनाओं के साथ आपके जीवन में आयी होगी। आप निश्चित रूप से अपनी पत्नी की उन भावनाओं को समझने और सहेजने में उसी तरह विफल हुए हैं, जिस तरह आप शादी का प्रस्ताव लेकर मेरे जीवन में आये और चले गये! आप को मेरे जीवन में न आने के लिए मैं आपको 'धन्यवाद' करते हुए, आज मैं अपने आपको भाग्यवान महसूस कर रही हूँ।' -नंदा महज़ एक यात्री।
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अमर गज़ल गायक जगजीत सिंह
धोंडो केशव कर्वे
उमेश कुमार गुप्ता की निबंध संग्रह अमर गज़ल गायक जगजीत सिंह सुनिए पल्लव के साथ
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Mrigtrishna
सम्राट केतन शर्मा
मृगतृष्णा एक वैज्ञानिक प्रोफेसर हंस गंगवार की कहानी है। यह प्रोफेसर एड्स की रामबाण दवाई की खोज कर रहे हैं। उपन्यास के शुरू में ही प्रोफेसर की हत्या हो जाती है। इनकी हत्या की जांच मनोज मिंथ और राजीव राय करते हैं। यही तीनों प्रोफेसर हंस गंगवार , मनोज मिंथ और राजीव राय इस उपन्यास के मुख्य पात्र हैं। अन्य पात्रों में इंस्पेक्टर अजीत महानवे , इंस्पेक्टर अतुल सचान , मंत्री अमजद इस्लाम आदि मुख्य हैं। उपन्यास में जबरदस्त रहस्य और रोमांच है। पूरे उपन्यास में अगर एक बार पढ़ना शुरू करो तो फिर किताब अंत तक छोड़ी नही जाती। उपन्यास में लेखक ने विज्ञान गल्प का भी सहारा लिया है। मृगतृष्णा का सामाजिक संदेश उच्च कोटि का है। कथा के ऊपरी स्ट्रक्चर के साथ साथ मृगतृष्णा अपनी गहराई में बड़े सामाजिक सत्यों और राजनीतिक सत्यों को बाहर लेकर आती है।यह एक पढ़ने लायक प्यारा उपन्यास है।
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श्री सिया जू के शुक
जसकरन सिंह राठौर
मैं जसकरन सिंह राठौर पुत्र श्री मथुरा सिंह राठौड़ मूलत जिला इटावा के इन्द्रावती गाँव का रहने वाला हूँ मैंने लखनऊ युनिवर्सिटी से बी. ए. और एम. ए किया तथा ग्वालियर आकर एल एल बी एवं एल एल एम कि पढाई पूरी कि, इसके बाद मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में शासकीय महाविद्यालय के विधि विभाग में नौकरी 1183 से आरम्भ की, ग्वालियर के प्रसिद्ध महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में नौकरी करते हुए जनवरी 2018 में सेवानिवृत्ति प्राप्त की । इस पुस्तक से पहले मैंने श्रीमद् सरल भागवत पुराण लिखी है, इस पुस्तक को मैंने भागवत के 18000 श्लोकों को सरल करके दोहा, चौपाई, छंदों में लिखा, जिससे सामान्य व्यक्ति भी समझ सके, इसके बाद मैंने राधारानी पर भी छंदों में एक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक में यह बताया गया है कि मनुष्य की भांति ही पछी भी मनुष्य से प्रेम करते हैं, बेजबान होने पर भी मुसीबत के समय वे अपने स्वामी की उसी तरह मदद करते हैं जैसे कोई मनुष्य करता है। सीता जी का तोता वनवास के समय उनकी किस तरह मदद करता है इस पुस्तक में यही वर्णन है। यह पुस्तक भी चौपाई पर आधारित है।
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Khwahis
आयुषी खरे
दिल वालों के भारत के दिल में बसे इक शहर की ये कहानी, कहानी एक मुहब्बत की, कहानी दो दिलों की. दिल! दिल, इस ही से तो शुरू होता है, हर फ़साना; इस ही पर तो मुकम्मल होती है हर मुहब्बत. हर एहसास का ठिकाना, हर दिल्लगी की रहगुज़र, ये दिल. मिलिए राजीव और सरगम से, आपकी अपनी ज़िन्दगी से इत्तेफ़ाक रखती उनकी ज़िन्दगी से, कुछ हकीकतों से, बेहद और बेशर्त मुहब्बत से और इक ख़्वाहिश से, मुहब्बत की इस खूबसूरत दास्ताँ ख़्वाहिश में...
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भगोड़ा
धोंडो केशव कर्वे
चंबल का एक डाकू शक्ति सिंह।अपने गिरोह के अत्याचारी सरदार से उसकी पत्नी ममता को बचाता है और उसकी इच्छा के अनुसार उसे उसकी मौसी के घर छोड़ कर वापस आ जाता है। लौट कर वो कैलाश पांडे के गिरोह में शामिल हो जाता है। थोड़े समय बाद कैलाश पांडे का हृदय परिवर्तन हो जाता है और वह अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ आत्म समर्पण कर देता है। शक्ति सिंह आत्मसमर्पण नहीं करता और बंबई (अब मुंबई ) भाग जाता है। वहाँ उसकी मुलाक़ात ममता से होती है फिर क्या होता है ? जानने के लिये सुनिए भगोड़ा
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