Maujood
Dr. Rahat Indori
Narrador Punit Sharma
Editora: Storyside IN
Sinopse
अब अपनी रूह के छालों का कुछ हिसाब करूँ मैं चाहता था चिराग़ों को आफ़ताब करूँ बुतों से मुझको इजाजत अगर कभी मिल जाए तो शहर भर के ख़ुदाओं को बेनकाब करूँ उस आदमी को बस एक धुन सवार रहती है बहुत हसीं है ये दुनिया इसे ख़राब करूँ ये जिन्दगी जो मुझे कर्जदार करती है कहीं अकेले में मिल जाए तो हिसाब करूँ
Data de publicação: 01/01/2023; Unabridged; Copyright Year: 2023. Copyright Statment: —

