Balasaheb Aur Shivesena Ka Safar
Dhaval Kulkarni
Narrador Sanchit Vartak
Editorial: Storytel Original IN
Sinopsis
हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे एक ऐसा नाम है जिसे महाराष्ट्र में रहने वाला हर शख्स जानता है. बाला साहेब ने 'गर्व से कहो हम हिंदू है' के नारे और मराठी अस्मिता के मुद्दे के सहारे एक ऐसी पार्टी खड़ी की, जो मराठी लोगों को अपनी पहचान लगने लगी. जिसे पार्टी नहीं शिवाजी महाराज की सेना कहा गया... शिवसेना और इसके कार्यकर्ता शिवसैनिक. साठ के दशक में महज़ मुट्ठीभर लोगों के साथ बालासाहेब ठाकरे ने शिवसेना स्थापित की और फिर कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा. पार्टी और उनका ग्राफ ऊपर ही चढ़ता रहा. शिवसेना ने भले ही असफलताएं भी देखीं, लेकिन बालासाहेब ठाकरे का सितारा हमेशा बुलंदी पर रहा. ठाकरे वो शख्स थे, जिनकी एक आवाज़ पर भारत की आर्थिक राजधानी मुम्बई की नब्ज़ थम जाती थी. बेहद स्पष्टवादी, निडर, आक्रामक पर्सनालिटी थी उनकी. उनका करिश्माई व्यक्तित्व का ही जलवा था कि वो मराठी लोगों के दिलों पर राज करते थे. इस ऑडियोबुक में जानिए उनका जीवन वृत्तांत कि कैसे एक कार्टूनिस्ट ने एक शक्तिशाली संगठन की न सिर्फ नींव रखी, बल्कि दशकों तक उसे कामयाबी से चलाया. साथ ही सुनिए बाला साहेब और शिवसेना के सफ़र से जुड़ी तमाम रोचक और प्रमुख घटनाएं और दो भाइयों राज और उद्धव के बीच हुए महाभारत की डिटेल्ड कहानी भी.
Duración: alrededor de 3 horas (02:52:12) Fecha de publicación: 01/05/2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

