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भव्य भारत - cover
RIPRODURRE CAMPIONE

भव्य भारत

डा.भरत सिंह ""भरत ""

Narratore Pallav

Casa editrice: BuCAudio

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Sinossi

अपने सुधी पाठकों के हाथ अपनी दूसरी कृति ""भब्य भारत "" काब्य संग्रह सौंपते हुए अति हर्ष का अनुभव हो रहा है,हो भी क्यों नहीं हर रचना अपने लेखन से प्रकाशन पर ही पूर्ण होती है । आगे का भवितव्य तो सुधी पाठकों का अधिकार क्षेत्र है । इस संग्रह में नाम के अनुरूप ही काब्य पुष्प संकलित हैं जो राष्ट्र प्रेम के सुगंध से सनी पगी हैं । जीवन का लंबा हिस्सा बंचितों के अधिकार रक्षा की लड़ाई में व्यतीत हुआ है ।स्वभाविक है इसका प्रभाव कविताओं में परिलक्षित होगा । मेरे जीवन के मधुर और कटु अनुभवों से सिक्त ये कविताएं पाठक के हृदय तन्तुओं को झंकृत कर सकेंगी ऐसा विश्वास है । समाजिक विसंगतियां,पर्यावरण, धार्मिकता, अध्यात्मिकता, राष्ट्र प्रेम एवं निजी अनुभव आदि की सुगंध से सनी कविताएं इस काब्य संग्रह के केंद्र में हैं । पिछले पचास वर्षों से ये कविताएं रच रहा हूं । सभी की तरह राष्ट्र गौरव की बात, कहानियां, गीत, कविताएं, इतिहास आदि मेरे हृदय को भी गहराई से झकझोरते रहे हैं उसी का निष्कर्ष यह काब्य संग्रह है । विश्वास है यह लघु प्रयास राष्ट्रीय भावों में बृध्दिकारक बनकर राष्ट्र प्रेमियों को अह्ल्लादित करेंगी। और राष्ट्र भक्ति की धारा को प्रबल वेगवान बनाकर भारत माता के चरण कमलों में अपना तुच्छ योगदान समर्पित करेंगी। भारत विश्व गुरू बने यह सपना है । डा.भरत सिंह ""भरत ""
Durata: circa 2 ore (01:49:27)
Data di pubblicazione: 12/02/2024; Unabridged; Copyright Year: — Copyright Statment: —