Jab Maine Jaat Chhupai: Baburao Bagul ki Aatmakatha
Baburao Bagul
Narrador Trilok
Editorial: Storyside IN
Sinopsis
जब बाबूराव बागुल की आत्मकथा सबसे पहले उनकी मातृभाषा मराठी में प्रकाशित हुई थी तो उसने मराठी साहित्य और समाज को झकझोर दिया था. भारतीय समाज में जाति पर आधारित दमन और अपमान की साहसभरी कथा कहने कहने वाले यह पुस्तक अब एक क्लासिक मानी जाती है और दलित साहित्य में मील का पत्थर. उत्कृष्ट हिंदी अनुवाद में. ©Samvad Prakashan
Duración: alrededor de 5 horas (04:57:00) Fecha de publicación: 28/06/2019; Unabridged; Copyright Year: 2018. Copyright Statment: —

