Begleiten Sie uns auf eine literarische Weltreise!
Buch zum Bücherregal hinzufügen
Grey
Einen neuen Kommentar schreiben Default profile 50px
Grey
Jetzt das ganze Buch im Abo oder die ersten Seiten gratis lesen!
All characters reduced
कुछ रंग इज़हार इन्कार इन्तज़ार के! - cover

कुछ रंग इज़हार इन्कार इन्तज़ार के!

Surjeet Kumar

Verlag: Surjeet Kumar

  • 0
  • 0
  • 0

Beschreibung

ज़िंदगी अनेक खूबसूरत रंगों का संगम है, जिसका सब से सुंदर रंग है, प्यार! प्यार कभी भी किसी से भी हो सकता है, चाहे वो सपनो में आये साथी से हो, विवाह के बाद जीवनसाथी से हो या फिर पहली नज़र वाला प्यार हो। जब तक इसमें रूठना, मनाना, इज़हार, इंकार, इंतज़ार आदि की बातें ना हो, कुछ ना कुछ अधूरा सा लगता है । इन्ही सब एह्सासों को अलग-अलग शीर्षकों और कही-कही एक ही शीर्षक में इन सब एहसासो को एक ही कविता में बांधने की कोशिश करती है, ये किताब ।
Verfügbar seit: 15.06.2022.
Drucklänge: 55 Seiten.

Weitere Bücher, die Sie mögen werden

  • Khujli-Mujli-Kids Fantasy & Story Planet - Episode-9 - cover

    Khujli-Mujli-Kids Fantasy &...

    Dharmendra Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    Khujli-Mujli-Kids Fantasy & Story Planet 
    🎧 बच्चों के लिए एक ऐसी ऑडियोबुक जो उन्हें हीरो बना देगी! 
    क्या आपका बच्चा भी बाकी बच्चों जैसा ही है? अगर हाँ, तो उसे मिलाइए खुजली और मुजली से! ये दो बच्चे कोई साधारण बच्चे नहीं, बल्कि उनके पास है एक असाधारण माइंड सुपरपावर! 
    ना कोई जादू, ना कोई मंत्र, बस आत्मबल और समझदारी की कहानी जो सिखाएगी कि सच्ची शक्ति हमारे अंदर ही होती है। 
    इस ऑडियोबुक में क्या है ख़ास? 
    प्रेरणादायक कहानी: खुजली एक डरा हुआ और मुजली एक उपेक्षित लड़का, पर जब ये साथ आते हैं तो सबकी सोच बदल देते हैं। 
    मज़ेदार क्विज़ और सीख: कहानी के साथ-साथ ऐसे क्विज़ जो बच्चों के दिमाग को तेज़ बनाएंगे। 
    आसान भाषा और प्यारी आवाज़: इस ऑडियोबुक को सुनने में बहुत मज़ा आएगा। 
    लेखक: जाने-माने बाल साहित्यकार धर्मेंद्र मिश्रा की अनोखी पेशकश। 
    यह ऑडियोबुक सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए है जो अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहते हैं।
    Zum Buch
  • Griha Daah - Munshi Premchand Ki Kahani - गृह दाह - मुंशी प्रेमचंद की कहानी - cover

    Griha Daah - Munshi Premchand Ki...

    Munshi Premchand

    • 0
    • 0
    • 0
    गृह दाह - मुंशी प्रेमचंद की कहानी - Griha Daah - Munshi Premchand Ki Kahani 
    मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'गृह दाह' एक संवेदनशील और गहन कथा है जो पारिवारिक जीवन के तनाव, रिश्तों के संघर्ष, और मानवीय भावनाओं के उतार-चढ़ाव को प्रस्तुत करती है। यह कहानी एक परिवार के भीतर के संघर्षों और उनके प्रभावों को बेहद मार्मिक ढंग से सामने लाती है।  
    इस मार्मिक कहानी को सुनें और जानें कि कैसे 'गृह दाह' हमें पारिवारिक जीवन के महत्व और रिश्तों की गहराई को समझने का अवसर देती है। यह कहानी आपके दिल को छू जाएगी। 
    🔸 कहानी का नाम: गृह दाह  
    🔸 लेखक: मुंशी प्रेमचंद  
    🔸 शैली: सामाजिक, पारिवारिक  
    🔸 मुख्य विषय: पारिवारिक कलह, रिश्तों का महत्व  
    🔸 मुख्य पात्र: गृहस्थ जीवन में संघर्षरत परिवार  
    🌟 कहानी के मुख्य बिंदु:  
    पारिवारिक जीवन के तनाव और उसके परिणाम  
    रिश्तों की नाजुकता और उनकी अहमियत 
    प्रेमचंद की मानवीय संवेदनाओं से भरी लेखनी  
    समाज और परिवार के बीच का संतुलन  
    मुंशी प्रेमचंद (1880-1936) हिंदी साहित्य के ऐसे स्तंभ थे जिन्होंने अपनी कलम से समाज के सजीव चित्र प्रस्तुत किए। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, लेकिन "प्रेमचंद" के नाम से वे जन-जन के लेखक बन गए। उनकी कहानियाँ जैसे "ईदगाह" और "कफन" आम इंसान के संघर्ष, भावनाओं और संवेदनाओं का दर्पण हैं। प्रेमचंद ने गरीबों, किसानों और मजदूरों के दुःख-दर्द को अपनी कहानियों में ऐसा उकेरा कि पाठक उनके पात्रों के साथ जीने लगते हैं। उनके उपन्यास "गोदान" और "गबन" समाज में सुधार और समानता का संदेश देते हैं। आज भी उनकी रचनाएँ हमें जीवन के गहरे अर्थों से रूबरू कराती हैं।
    Zum Buch
  • बूढ़ी काकी - मुंशी प्रेमचंद - Budhi Kaki - Munshi Premchand - cover

    बूढ़ी काकी - मुंशी प्रेमचंद -...

    मुंशी प्रेमचंद

    • 0
    • 0
    • 0
    बूढ़ी काकी 
    प्रेमचंद की लिखी गई यह कहानी ‘बूढ़ी काकी’ मानवीय करुणा की भावना से ओतप्रोत कहानी है। इस कहानी के माध्यम से कहानीकार प्रेमचंद बूढ़े हो चुके लोगों की हमारे समाज में हो रही उपेक्षा की ओर सभी ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इस कहानी में एक वृद्ध औरत तिरस्कार और अपमान का जीवन जीती है । भतीजे बुद्धिराम के तिलक के समय सारा घर मिठाई, पूरी, कचौरी की सुगंध से भर जाता है। काकी भूखी प्यासी उपेक्षित सी कोठरी में पड़ी रहती है, वह कुछ खा नहीं पाती है। बुजुर्ग को आदर देना चाहिए, यही इस कहानी की शिक्षा है|कलम के जादूगर मुंशी प्रेमचंद 
    कलम के जादूगर प्रेमचंद की कहानियाँ आज भी बड़े ही ध्यान और सम्मान के साथ सुनी जाती हैं। आज हम लेकर आए हैं प्रेमचंद की वो कहानियाँ जो उनके कथा संकलन ‘मान सरोवर’ से ली गई हैं। प्रेमचंद की कहानियाँ अपने समय की हस्ताक्षर हैं जिनमें आप तब के परिवेश और समाज को भी बखूबी समझ सकते हैं। यूं तो मुंशी जी ने अपनी कहानियाँ हिंदी में ही लिखी हैं फिर भी हमारा ये प्रयास है की उनकी कहानियाँ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे और इसलिए हमने उन्हें थोड़ी और सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। इन कहानियों को ख़ास आपके लिए तैयार किया है। तो आइए सुनते हैं प्रेमचंद की विश्व प्रसिद्ध कहानियाँ! 
    Zum Buch
  • Khujli-Mujli-Kids Fantasy & Story Planet - Episod-5 - cover

    Khujli-Mujli-Kids Fantasy &...

    Dharmendra Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    Khujli-Mujli-Kids Fantasy & Story Planet🎧 बच्चों के लिए एक ऐसी ऑडियोबुक जो उन्हें हीरो बना देगी! 
    क्या आपका बच्चा भी बाकी बच्चों जैसा ही है? अगर हाँ, तो उसे मिलाइए खुजली और मुजली से! ये दो बच्चे कोई साधारण बच्चे नहीं, बल्कि उनके पास है एक असाधारण माइंड सुपरपावर! 
    ना कोई जादू, ना कोई मंत्र, बस आत्मबल और समझदारी की कहानी जो सिखाएगी कि सच्ची शक्ति हमारे अंदर ही होती है। 
    इस ऑडियोबुक में क्या है ख़ास? 
    प्रेरणादायक कहानी: खुजली एक डरा हुआ और मुजली एक उपेक्षित लड़का, पर जब ये साथ आते हैं तो सबकी सोच बदल देते हैं। 
    मज़ेदार क्विज़ और सीख: कहानी के साथ-साथ ऐसे क्विज़ जो बच्चों के दिमाग को तेज़ बनाएंगे। 
    आसान भाषा और प्यारी आवाज़: इस ऑडियोबुक को सुनने में बहुत मज़ा आएगा। 
    लेखक: जाने-माने बाल साहित्यकार धर्मेंद्र मिश्रा की अनोखी पेशकश। 
    यह ऑडियोबुक सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए है जो अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहते हैं।
    Zum Buch
  • Adhuri Pyas - cover

    Adhuri Pyas

    नितिश बक्शी

    • 0
    • 0
    • 0
    शादीशुदा निकिता एक दिन अपने नए पड़ोसी रोहन से मिलती है. दोनों को पहली नज़र में ही एक दूसरे की तरफ़ शारीरिक आकर्षण का अहसास होता है. ये जुनून उन्हें एक ऐसे यौन रोमांच से भरे रास्ते पर ले जाता है जिसका उन्होंने पहले कभी अनुभव ही नहीं किया था. जल्द ही उनका दिल भी इसी दौड़ में शामिल हो जाता है, और एक दिन सब कुछ बदल जाता है.
    Zum Buch
  • Intzaar - A Story by Dr Pushpa Saxena - इंतज़ार - डा० पुष्पा सक्सेना की लिखी कहानी - cover

    Intzaar - A Story by Dr Pushpa...

    Dr. Pushpa Saxena

    • 0
    • 0
    • 0
    इंतज़ार - डा० पुष्पा सक्सेना की लिखी कहानी - Intzaar - A Story by Dr. Pushpa Saxena 
     "इंतज़ार" डॉ. पुष्पा सक्सेना की एक संवेदनशील और भावनात्मक कहानी है, जो प्रतीक्षा, प्रेम, और जीवन के उतार-चढ़ाव को दर्शाती है। यह कहानी उन भावनाओं को उजागर करती है, जिन्हें शब्दों में बयान करना मुश्किल होता है। 
    🔹 इस कहानी में: इंतज़ार की गहराई और उसकी पीड़ा। 
    प्रेम और रिश्तों की कोमलता। 
    जीवन के निर्णयों का प्रभाव। 
    एक महिला के संघर्ष और धैर्य की मार्मिक कथा। 
    🖋️ लेखक: डॉ. पुष्पा सक्सेना  
    📚 श्रेणी: हिंदी साहित्य | 
    सामाजिक कथा | 
    भावनात्मक कहानी 
    🎙️ इस दिल को छू लेने वाली कहानी को सुनें और महसूस करें इंतज़ार का असली अर्थ। 
    पुष्पा सक्सेना का जन्म 20 अगस्त 1926 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। वे हिंदी साहित्य की जानी-मानी लेखिका थीं, जिन्होंने कहानियों, निबंधों और उपन्यासों के माध्यम से समाज की गहरी समझ प्रस्तुत की। उनकी रचनाएँ महिलाओं के जीवन, उनकी समस्याओं और समाज में उनकी स्थिति को प्रभावशाली ढंग से चित्रित करती हैं। 
    उनकी प्रमुख कृतियों में "प्रतिदान," "अधूरी तस्वीर," और "परिवर्तन" शामिल हैं। पुष्पा सक्सेना ने शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया और साहित्य के माध्यम से सामाजिक सुधार की बात की। उनका निधन 15 फरवरी 2004 को हुआ। उनकी रचनाएँ हिंदी साहित्य की धरोहर के रूप में सदैव याद की जाती रहेंगी।
    Zum Buch