Rejoignez-nous pour un voyage dans le monde des livres!
Ajouter ce livre à l'électronique
Grey
Ecrivez un nouveau commentaire Default profile 50px
Grey
Abonnez-vous pour lire le livre complet ou lisez les premières pages gratuitement!
All characters reduced
मुझे सच बोलना पसंद है - cover

मुझे सच बोलना पसंद है

Shelley Admont, KidKiddos Books

Maison d'édition: KidKiddos Books

  • 0
  • 0
  • 0

Synopsis

छोटा खरगोश जिम्मी मुसीबत में है। उसने गलती से अपनी माँ के पसंदीदा फूलों को खराब कर दिया। क्या झूठबोलने से उसे कुछ फायदा होगा? या यह बेहतर होगा कि वह सच बताए और समस्या को दूसरे तरीके से सुलझाने कीकोशिश करे?
बच्चों की इस मज़ेदार किताब के साथ अपने बच्चों को ज्यादा ईमानदार बनना सीखने में मदद करें।
Disponible depuis: 20/01/2023.
Longueur d'impression: 34 pages.

D'autres livres qui pourraient vous intéresser

  • Team Always Win - cover

    Team Always Win

    पूनम ठाकुर

    • 0
    • 0
    • 0
    अगर वास्तव में आप अपने जीवन में, जो सोचा है, वह पाना चाहते हैं तो यह पुस्तक आपके लिए है। यह पुस्तक हर एक व्यक्ति के लिए है, चाहे वह किसी भी फील्ड में हो, अपना व्यवसाय हो, नौकरी में हो, हाउस वाइफ हो या विद्यार्थी हो। हर एक पड़ाव में टीम को साथ लेकर ही चलना होता है। अकेला इंसान बड़ा नहीं बनता, बड़े लेवल पर जाने के लिए अच्छी टीम का होना बहुत जरूरी है। यह पुस्तक टीम में छिपी हुई संभावनाओं को खोजने और उनका दोहन करने में आपकी मदद करेगी। टीम के हर सदस्य के अंदर छुपे हुए लीडर को बाहर निकालने में यह पुस्तक आपको मदद करेगी, साथ-साथ टीम की मानसिकता में बदलाव करेगी। 
     इस पुस्तक का महत्व शिक्षा से भी आगे है। यह उन लोगों के लिए है, जो प्रतिभा को विकसित करना चाहते हैं ओर उन अभिभावकों के लिए भी, जो अपने परिवार को एक टीम की भाँति चुनौती के माहौल में बढ़ते हुए देखना चाहते हैं।
    Voir livre
  • कविताओं की साझा डायरी - cover

    कविताओं की साझा डायरी

    डॉ.(इंजी.)आज़ाद जैन,...

    • 0
    • 0
    • 0
    डॉ.(इंजी.)आज़ाद जैन तथा डॉ.(आर्कि)आशा जैन की कविताओं की साझा डायरी सुनिए मृद्वीका के साथ
    Voir livre
  • अंतहीन - cover

    अंतहीन

    Rajeev Kejriwal

    • 0
    • 0
    • 0
    कलकत्ता में जन्मे, जिसे अक्सर भारत की साहित्यिक राजधानी माना जाता है, राजीव केजड़ीवाल पेशे से एक उद्योगपति हैं, परंतु दिल से एक लेखक हैं। बचपन में ही उनके लेखन के प्रति प्रेम की शुरुआत हुई, जिसे उनकी उत्साही पठन की आदतों ने पोषित किया। समय के साथ, उनके व्यक्तिगत अनुभव और भावनाएँ शब्दों में ढल गईं, जिन्होंने उनकी कविता यात्रा को आकार दिया। प्रारंभ में केवल शौक के रूप में शुरू हुई यह यात्रा, दोस्तों और परिवार की सराहना से गति पकड़कर अंततः प्रकाशित संग्रहों में परिवर्तित हुई। उनकी लेखन शैली संक्षिप्त, स्पष्ट और अत्यंत भावनात्मक है, जिसमें प्रेम, हास्य, व्यंग्य और आत्मचिंतन के विषयों को खूबसूरती से बुना गया है।
    Voir livre
  • भारतीय डरावनी रातें - डर सिर्फ अंधेरे में नहीं होता… वह वहीं रहता है जहाँ इंसान सच बोलने से डरता है।” - cover

    भारतीय डरावनी रातें - डर सिर्फ...

    Amulya Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    इंडियन हॉरर नाइट्स – अमूल्या मिश्रा द्वारा 
     19 कहानियाँ। एक रात। और डर जो कभी खत्म नहीं होता। 
    रात बीती, मगर नींद नहीं आई। 
     बरगद के नीचे कुछ था — जो सुनता भी था, और बोलता भी। 
     और अगली अमावस्या से पहले, वह सिर्फ नाम पुकारता नहीं था… 
     वह नाम लेता था। 
    भारत की भूमि पर जितनी कहानियाँ जीवित हैं, उतने ही भूत भी। 
     इंडियन हॉरर नाइट्स — 19 डरावनी कहानियों का संग्रह, जो आपको लोककथा, विश्वास और पाप की सीमा तक ले जाएगी। 
    यह सिर्फ डर की किताब नहीं — यह भारत के अंधेरे हिस्सों का नक्शा है। 
     हर अध्याय एक नए राज्य, एक नए श्राप, और एक नई आत्मा की कहानी कहता है। 
    🩸 शामिल कहानियाँ:बरगद की फुसफुसाहट (केरल)मलचा महल का मध्यरात्रि रहस्य (दिल्ली)कुएँ की दुल्हन (राजस्थान)बनारस घाटों की आवाज़ें (उत्तर प्रदेश)हाईवे की चुड़ैल (झारखंड)हवेली का आईना (लखनऊ)अघोरी का श्राप (वाराणसी)ऊटी का कमरा 207 (तमिलनाडु)नागिन का प्रतिशोध (छत्तीसगढ़)शनिवारवाड़ा की चुप्पी (पुणे) (और कई और…) 
    🕯️ लेखक: अमूल्या मिश्रा 
     📖 उपलब्धता: Amazon.com और Kindle पर
    Voir livre
  • Building Eater - Sci-Fi Story - cover

    Building Eater - Sci-Fi Story

    Dharmendra Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    वे आए थे सफाई करने… अब सबकुछ निगल जाएंगे।” 
    “कचरे से इमारतों तक — उनकी भूख असीम है।” 
    “धरती की आख़िरी जंग… अपने ही सफाईकर्मियों से।” 
    “जब इलाज ही सबसे बड़ा हादसा बन जाए।” 
    “कभी थे रक्षक… अब हैं विनाशक।” 
    “बिल्डिंग ईटर” एक अनोखी साइंस-फिक्शन थ्रिलर है, जहाँ समुद्र किनारे मिले रहस्यमयी जीव शुरुआत में कचरा और प्लास्टिक खाकर मानवता के लिए वरदान बनते हैं। लेकिन जब वही जीव धीरे-धीरे पत्थर और ऊँची इमारतें निगलने लगते हैं, तो पूरी दुनिया विनाश के खतरे में आ जाती है। 
    क्या वैज्ञानिक और प्रशासन मिलकर इन्हें रोक पाएंगे, या यह जीव पूरी सभ्यता को मिटा देंगे? 
    सुनिए यह रोमांचक ऑडियोबुक, जो हॉलीवुड-स्टाइल साइंस थ्रिलर और भारतीय सामाजिक टच का अनोखा संगम है। 
    .................“Building Eater” is a unique science-fiction thriller where mysterious creatures found on the seashore start by eating waste and plastic, turning into unexpected saviors of humanity. But soon, their hunger grows to rocks and skyscrapers, pushing the world towards destruction. 
    Can a scientist and an officer stop them in time, or will these creatures erase civilization forever? 
    Experience this gripping audiobook — a blend of Hollywood-style monster thriller with an Indian social twist.
    Voir livre
  • जीवनसंजीवनी - cover

    जीवनसंजीवनी

    शिवांगी तिवारी मिश्रा

    • 0
    • 0
    • 0
    मानव शरीर कई बीमारियों से जूझता है। उन शारीरिक बीमारियों का इलाज इस भौतिक जगत में विभिन्न औषधियों व उपचारों से संभव हो जाता है। ठीक उसी प्रकार मानव जीवन भी कई समस्याओं व परेशानियों से जूझता रहता व संघर्ष करता रहता है जिसके लिए कोई भी औषधि व उपचार इस भौतिक जगत में संभव नहीं। का की सभी समस्याओं व परेशानियों मनुष्य उपचार उसके भीतर गुण रूपी औषधि के रूप में विद्यमान है। ज़रूरत है सिर्फ इन गुण रूपी औषधियों को अपनी परेशानियों व समस्याओं के अनुसार प्रयोग करने की फिर मनुष्य स्वतः ही इनसे निजात पा सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में कविताओं के माध्यम से उन गुणों .व परेशानियों को दर्शाया गया है है जो हर मनुष्य के भीतर विद्यमान तो हैं पर परिस्थिति और हालातों के कारण अंतरमन में कहीं दब से गए हैं है जैसा की हम जानते प्रभु श्रीराम भक्त हनुमान जी सर्वशक्तिशाली है पर वह अपनी शक्तियों को भूल न चुके थे पर जैसे ही उन्हें उनकी शक्तियों का बोध करवाया गया उन्होंने तुरंत ही एक छलांग में महासागर पार किया और लंका पहुँच गए। वैसे ही आत्मचिंतन द्वारा मनुष्य अपने भीतर छुपे गुणों को जान सकता है और उन्हें औषधियों के रूप में प्रयोग कर जीवन की परेशानियों से निजात पा सकता है।'जीवन संजीवनी' एक माध्यम बन सकती है आपके लिए जो आपके भीतर कहीं दबे हुए गुणों को आपसे रू-ब-रू करवाने में सहायक बन सकती है। जीवन में कभी हार न मानो आत्मचिंतन से स्वयं को पहचानो, 1 परेशानियाँ भी तुमसे कर लेंगी किनारा, का। पर पहले अपने भीतर के गुणों को 
    Voir livre