Begleiten Sie uns auf eine literarische Weltreise!
Buch zum Bücherregal hinzufügen
Grey
Einen neuen Kommentar schreiben Default profile 50px
Grey
Jetzt das ganze Buch im Abo oder die ersten Seiten gratis lesen!
All characters reduced
आत्मिक बढोतरी के चरण - विश्वासियों के लिए पुस्तिका - cover

आत्मिक बढोतरी के चरण - विश्वासियों के लिए पुस्तिका

Rev. David R. Wallis

Verlag: Zion Christian Publishers

  • 0
  • 0
  • 0

Beschreibung

यह पुस्तक विश्वासियों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण कुंजियाँ और आवश्यक सत्य प्रदान करती है जो विश्वासियों को परमेश्वर के ज्ञान में बढ़ने में मदद करेंगे। यह पुस्तक अनेक व्यावहारिक और शास्त्रीय दिशानिर्देशों से भरी हुई है, जो एक विश्वासी के आध्यात्मिक विकास से संबंधित हैं। नीचे सूचीबद्ध विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है:उद्धार का क्या अर्थ हैपरमेश्वर के वचन की आवश्यकताजल बपतिस्मा, एक अध्यादेशप्रार्थना, एक प्राथमिकतासामुदायिक संगति का महत्वपरमेश्वर के अनुग्रह का महत्वबंधनों से मुक्तिपवित्र आत्मा से परिपूर्ण होनाइस पुस्तक का उपयोग पादरियों, शिक्षकों और कलीसिया के नेताओं के लिए भी अनुशंसित है। यह पुस्तिका उपयुक्त विषयों का एक व्यापक अवलोकन है जो विश्वासियों के लिए एक अच्छी नींव रखेगी। यह आपको एक व्यवस्थित शिक्षण संरचना भी प्रदान करेगी जिससे आप उन सभी को निर्देश और प्रशिक्षण दे सकेंगे जिन्हें परमेश्वर ने आपकी देखभाल में सौंपा है।
Verfügbar seit: 20.08.2025.

Weitere Bücher, die Sie mögen werden

  • Ramkatha S01E18 - cover

    Ramkatha S01E18

    Sagar Shukla

    • 0
    • 0
    • 0
    अशोक वाटिका में सीताः हनुमान आखिर लंका पहुंच गए. सोने की अद्भुत नगरी को देखकर वे चकित थे. अब लंका में उन्हें सीता को खोजना था. सीता को खोजते-खोजते हनुमान अशोक वटिका पहुंच गए और एक पेड़ की पत्तियों के बीच छुप गए. उन्होंने देखा कि रावण कैसे राक्षसियों के बीच कैद सीता को डरा और धमका रहा है. इन्हीं राक्षसियों में एक राक्षसी त्रिजटा थी. उसने रात में एक सपना देखा था. एक ऐसा सपना जिसे सुनकर सीता की रक्षा में लगी राक्षसियां डर के मारे थर थर कांपने लगीं. आखिर क्या था त्रिजटा का सपना? हनुमान कैसे मिल पाये सीता से?
    Zum Buch
  • Mahabharat ke Amar Patra Draupadi - cover

    Mahabharat ke Amar Patra Draupadi

    Dr. Vinay

    • 0
    • 0
    • 0
    महाभारत भारतीय संस्कृति का अन्यतम ग्रंथ है. इसे पाँचवा वेद कहा गया है.महाभारत में जिस विराट संस्कृति और धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के व्यवहार की आधारशिला रखी गई है, उसका वहन करते हैं योगीराज कृष्ण, भीष्म, द्रोण, कौरव, पाण्डव और प्रकृति शक्ति में कुंती, द्रौपदी तथा गांधारी जैसी सती! इनके साथ सांस्कृतिक विकास के आरोह अवरोह में‒सहयोगी होते हैं‒कर्ण, द्रुपद तथा अन्य चरित्र जो सीधे महाभारत के रचना धरातल पर सक्रिय हैं. डॉक्टर विनय ने महाभारत के अमर पात्रों पर जो विलक्षण कथा शृंखला रची है उसी कड़ी में यह उपन्यास है द्रौपदी के विराट और विलक्षण चरित्र पर जो एक तरह से कथा के ठीक केंद्र में है.
    Zum Buch
  • पवित्र क़ुरआन: अल्लाह का अंतिम संदेश - cover

    पवित्र क़ुरआन: अल्लाह का अंतिम...

    संजय सोनावणी

    • 0
    • 0
    • 0
    पवित्र क़ुरआन: अल्लाह का अंतिम संदेश 
    पवित्र क़ुरआन इस्लाम धर्म की केंद्रीय पवित्र पुस्तक है, जिसे मुसलमान अल्लाह का अंतिम और अमर वचन मानते हैं। मुस्लिम विश्वास के अनुसार, इसकी आयतों (आयत) की रेवड़ी फ़रिश्ते जिब्रईल (अलैहिस्सलाम) के द्वारा अल्लाह के अंतिम पैग़ंबर, हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर लगभग 23 वर्षों की अवधि में उतारी गई। यह मानवजाति के लिए मार्गदर्शन और दया के रूप में भेजा गया था। 
    यह 114 अध्यायों (सूरह) में विभाजित है, जो आयतों से मिलकर बने हैं। इसे लंबे से छोटे अध्यायों के क्रम में व्यवस्थित किया गया है, जिसमें सबसे लंबा अध्याय 'सूरह अल-बक़रह' है। क़ुरआन अपने अद्वितीय साहित्यिक रूप, गहराई और लय के लिए जाना जाता है, जिसे एक चमत्कार माना जाता है। 
    क़ुरआन का केंद्रीय संदेश **तौहीद** है - यानी एक अल्लाह की पूजा और उसकी एकतावादिता में विश्वास। यह नैतिकता, सामाजिक न्याय और दया पर ज़ोर देता है और मनुष्यों को बुराई से बचने का मार्गदर्शन देता है। इसमें पिछले पैग़ंबरों जैसे इब्राहीम, मूसा और ईसा (उन पर शांति हो) के इतिहास का वर्णन है, ताकि लोग उनसे सबक ले सकें। 
    मुसलमानों के लिए, क़ुरआन केवल पढ़ने की किताब नहीं है, बल्कि जीवन का एक जीवित मार्गदर्शक (हिदायत) है। इसकी बातों को दुनिया भर के लाखों लोगों ने कंठस्थ (हाफ़िज़) किया हुआ है, जिससे इसकी मूल भावना सुरक्षित रही है। यह दुनिया की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली और सम्मानित पुस्तकों में से एक है तथा मुसलमानों के लिए जीवन का आधार है।
    Zum Buch
  • पवित्र कुरान - cover

    पवित्र कुरान

    संजय सोनावणी

    • 0
    • 0
    • 0
    पवित्र कुरान: एक परिचय 
    पवित्र कुरान इस्लाम धर्म की केंद्रीय धार्मिक पुस्तक है, जिसे मुसलमान अल्लाह की अंतिम और अटूट वाणी मानते हैं। यह वह divine kitab है जो लगभग 23 वर्षों की अवधि में अल्लाह के फ़रिश्ते जिब्रईल द्वारा इस्लाम के अंतिम पैग़ंबर, हज़रत मुहम्मद को revealed किया गया। 
    कुरान मानवजाति के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शक के रूप में अवतरित हुई। इसमें 114 अध्याय हैं, जिन्हें सूरह कहा जाता है। इसके प्रमुख विषयों में अल्लाह की एकता, पुनर्जीवन, न्याय के दिन का विश्वास, नैतिकता, इबादत के तरीके और पिछले पैग़ंबरों की कहानियाँ शामिल हैं। 
    यह न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि जीवन के हर पहलू - सामाजिक, आर्थिक, न्यायिक और आध्यात्मिक - के लिए एक code of conduct प्रस्तुत करती है। कुरान का संरक्षण अपने मूल अरबी भाषा में आज तक ज्यों का त्यों बना हुआ है, जो इसकी विशिष्टता है। दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों के लिए, कुरान जीवन का मार्गदर्शक प्रकाश और शाश्वत सत्य है।
    Zum Buch
  • Ramkatha S01E09 - cover

    Ramkatha S01E09

    Sagar Shukla

    • 0
    • 0
    • 0
    शूर्पणखा की कटी नाकः वन में राम की मुलाकात शूर्पणखा से हुई. वो दोनों राजकुमारों राम लखन को देख उन पर मोहित हो गई. रावण की बहन शूर्पणखा आखिर कौन थी? उसका असली नाम क्या था? रावण ने शूर्पणखा के पति को क्यों मार डाला था? लक्ष्मण को शूर्पणखा नाक क्यों काटनी पड़ी?
    Zum Buch
  • Astitva Ki Paathshala me Corona Mahamari Ke Paath : Anishchitta - cover

    Astitva Ki Paathshala me Corona...

    Dharmraj

    • 0
    • 0
    • 0
    जीवन अनिश्चितता का दूसरा नाम है. शायद यही इसकी महिमा भी है. सब कुछ निश्चित हो जाने पर वह ऐसी कब्र जैसा हो जाता है, जहाँ सब कुछ हमेशा के लिए निश्चित हो गया है. महामारी से कितनी भी अव्यवस्था पैदा हुई हो लेकिन अभी भी हम इस तल तक प्रकृति को नष्ट नहीं कर पाए हैं कि, प्रकृति हमें पालपोस न सके. हालांकि हमारी तैयारी पूरी है कि हम अपनी मूढ़ताओं के फलस्वरूप होने वाले युद्धों में पूरी पृथ्वी को ही नष्ट कर बैठें. जीवन में जिस अनिश्चितता के सौभाग्य को हमने भूल से दुर्भाग्य समझ लिया है, उसे ही उसकी भरी पूरी जीवंतता में उघाड़ता यह अध्याय अनिश्चितता की महिमा के साथ हमें जीना सिखा रहा है.
    Zum Buch