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सफ़र पर चली एक इल्ली - cover

सफ़र पर चली एक इल्ली

Rayne Coshav, KidKiddos Books

Verlag: KidKiddos Books

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Beschreibung

यह एक ऐसी इल्ली की कहानी है जो एकदिन अचानक ग़लती से एक सफ़र पर निकल पड़ी, और जंगल में रहते उसके परिवार से दूर चलती चली गई। नए नए खाने खाते और नई नई जगहों पर घुमते हुए उसे एक बेहद रोमांचक सफ़र का अनुभव हुआ। मगर अंत में, अपने परिवार के पास अपने घर वापस आकर वह सबसे ज़्यादा खुश हुई। 
Verfügbar seit: 20.01.2023.
Drucklänge: 34 Seiten.

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    अब सवाल यह उठता है कि क्या कुदरत को सभी भाषाओं का ज्ञान है? अगर वह भाषा ही सुन रही होती तो क्या होता? कैसे सभी का हिसाब-किताब रखती? मगर ऐसा नहीं है! कुदरत भाषा नहीं, भाव तरंग समझती है। 
    कुदरत में आपके द्वारा कहे गए शब्द नहीं, आपकी भावना पहुँचती है और वह कार्य करती है। जैसे- जब आपको कोई चीज़ जो आप चाहते थे, वह मिल जाती है तो उसके लिए आप धन्यवाद कहते हैं यानी आप ‘है’ की फीलिंग में हैं। इसी प्रकार जो चीज़ आपके पास नहीं है और आप उसे पाना चाहते हैं तो उसके लिए भी जब आप धन्यवाद देते हैं तब यूनिवर्स आपके कहे शब्दों पर नहीं बल्कि ‘है’ की फीलिंग को जान रही होती है। यह कुदरत के देने का रहस्य है। यही ग्लोरी ऑफ थैंकफुलनेस यानी कृतज्ञता की महिमा है। 
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