Kitni Tum Ki Main Na Rahun
Gautam Rajrishi
Erzähler Vijayan Menon
Verlag: Storytel Original IN
Beschreibung
लगातार होती बर्फ़बारी में आठ दिनों से मोबाइल का सिग्नल गुमशुदा है. और बीएसएनएल द्वारा इस तेरह हज़ार फुट की गगनचुम्बी ऊंचाई पर दी गयी इकलौती डब्ल्यू एल एल सेवा की अकालमृत्यु के बाद आज इस वेलेंटाइन-डे के दिन सर्दी से ठिठुरती उँगलियों ने पुराना वाला लेटर-पैड ढूंढ़ कर निकाला है. तुम अक्सर कहती हो ना कि मैं तुम्हे कभी कोई ख़त लिखूँ... तो लो ये ख़त. कब ये तुम तक नीचे, तुम्हारे जगमगाते शहर में पहुँचेगा, ये कहना थोड़ा मुश्किल है. सच कहूँ,डाकिया बन कर ख़ुद तुम्हें यह ख़त पहुँचाना चाहता हूँ... चचा ग़ालिब के 'देके ख़त मुँह देखता है, नामाबर कुछ तो पैग़ाम-ए-ज़ुबानी और है...' वाले शेर की तर्ज़ पर. मैं देखना चाहता हूँ कि तुम कैसे खिलखिला उठोगी ख़त पर मेरा नाम लिखा देख कर
Dauer: 13 Minuten (00:13:19) Veröffentlichungsdatum: 14.02.2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

