Rejoignez-nous pour un voyage dans le monde des livres!
Ajouter ce livre à l'électronique
Grey
Ecrivez un nouveau commentaire Default profile 50px
Grey
Abonnez-vous pour lire le livre complet ou lisez les premières pages gratuitement!
All characters reduced
वेलेंटाइन डे का तोहफा - cover

वेलेंटाइन डे का तोहफा

Erick Carballo

Maison d'édition: Babelcube

  • 0
  • 0
  • 0

Synopsis

एक कंपनी अपने सभी कर्मचारियों को एक वैलेंटाइन डे उपहार विनिमय प्रतियोगिता में आमंत्रित करती है जिसमें वह वेनिस की यात्रा के साथ प्रथम स्थान प्राप्त करती है। 


इस कहानी के माध्यम से जानिए कौन होगा प्रथम स्थान पाने वाला।
Disponible depuis: 02/06/2023.
Longueur d'impression: 30 pages.

D'autres livres qui pourraient vous intéresser

  • Kamayani - cover

    Kamayani

    Jaishankar Prasad

    • 0
    • 0
    • 0
    छायावादी युग के प्रमुख कवियों में जयशंकर प्रसाद का नाम अग्रणी है। प्रसाद की कामायनी आधुनिक छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि हिंदी महाकाव्य है। महाकाव्य चिंता से शुरू होकर आनंद तक 15 सर्गों में जीवन को एक दार्शनिक विस्तार देने की प्रसाद की कोशिश अनुपम है। कामायनी में जीवन की अब तक की मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक विकास की गाथा व्यक्त की गई है।
    
    हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर, बैठ शिला की शीतल छाँह
    एक पुरुष, भीगे नयनों से, देख रहा था प्रलय प्रवाह।
    
    नीचे जल था ऊपर हिम था, एक तरल था एक सघन,
    एक तत्व की ही प्रधानता, कहो उसे जड़ या चेतन।
    Voir livre
  • भारतीय डरावनी रातें - डर सिर्फ अंधेरे में नहीं होता… वह वहीं रहता है जहाँ इंसान सच बोलने से डरता है।” - cover

    भारतीय डरावनी रातें - डर सिर्फ...

    AMULYA MISHRA

    • 0
    • 0
    • 0
    इंडियन हॉरर नाइट्स – अमूल्या मिश्रा द्वारा 
     19 कहानियाँ। एक रात। और डर जो कभी खत्म नहीं होता। 
    रात बीती, मगर नींद नहीं आई। 
     बरगद के नीचे कुछ था — जो सुनता भी था, और बोलता भी। 
     और अगली अमावस्या से पहले, वह सिर्फ नाम पुकारता नहीं था… 
     वह नाम लेता था। 
    भारत की भूमि पर जितनी कहानियाँ जीवित हैं, उतने ही भूत भी। 
     इंडियन हॉरर नाइट्स — 19 डरावनी कहानियों का संग्रह, जो आपको लोककथा, विश्वास और पाप की सीमा तक ले जाएगी। 
    यह सिर्फ डर की किताब नहीं — यह भारत के अंधेरे हिस्सों का नक्शा है। 
     हर अध्याय एक नए राज्य, एक नए श्राप, और एक नई आत्मा की कहानी कहता है। 
    🩸 शामिल कहानियाँ:बरगद की फुसफुसाहट (केरल)मलचा महल का मध्यरात्रि रहस्य (दिल्ली)कुएँ की दुल्हन (राजस्थान)बनारस घाटों की आवाज़ें (उत्तर प्रदेश)हाईवे की चुड़ैल (झारखंड)हवेली का आईना (लखनऊ)अघोरी का श्राप (वाराणसी)ऊटी का कमरा 207 (तमिलनाडु)नागिन का प्रतिशोध (छत्तीसगढ़)शनिवारवाड़ा की चुप्पी (पुणे) (और कई और…) 
    🕯️ लेखक: अमूल्या मिश्रा 
     📖 उपलब्धता: Amazon.com और Kindle पर
    Voir livre
  • Saubhagya Ke Kode - Munshi Premchand Ki Kahani - सौभाग्य के कोड़े - मुंशी प्रेमचंद की कहानी - cover

    Saubhagya Ke Kode - Munshi...

    Munshi Premchand

    • 0
    • 0
    • 0
    सौभाग्य के कोड़े - मुंशी प्रेमचंद की कहानी - Saubhagya Ke Kode - Munshi Premchand Ki Kahani 
    मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'सौभाग्य के कोड़े' एक गहरी सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत रचना है। यह कहानी उस संघर्ष और दर्द को उजागर करती है, जो अक्सर सौभाग्य की छवि के पीछे छिपा होता है। प्रेमचंद ने अपने अद्वितीय शैली में समाज और रिश्तों की विडंबनाओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया है। 
    'सौभाग्य के कोड़े' के माध्यम से प्रेमचंद यह दर्शाते हैं कि जीवन की कठिनाइयाँ और संघर्ष अक्सर हमें मजबूत बनाते हैं और सही राह दिखाते हैं। यह कहानी आपको आत्मचिंतन करने और समाज की गहरी परतों को समझने की प्रेरणा देगी।  
    🔸 कहानी का नाम: सौभाग्य के कोड़े  
    🔸 लेखक: मुंशी प्रेमचंद  
    🔸 शैली: सामाजिक, यथार्थवादी  
    🔸 मुख्य विषय: संघर्ष, सौभाग्य, और जीवन की सच्चाइयाँ  
    🔸 मुख्य पात्र: समाज के विभिन्न चरित्र  
    🌟 कहानी के मुख्य बिंदु:  
    सौभाग्य और संघर्ष का यथार्थ  
    समाज की गहरी विडंबनाएँ  
    जीवन की कठोर सच्चाइयों का चित्रण  
    मुंशी प्रेमचंद की अद्वितीय लेखनी 
    मुंशी प्रेमचंद (1880-1936) हिंदी साहित्य के ऐसे स्तंभ थे जिन्होंने अपनी कलम से समाज के सजीव चित्र प्रस्तुत किए। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, लेकिन "प्रेमचंद" के नाम से वे जन-जन के लेखक बन गए। उनकी कहानियाँ जैसे "ईदगाह" और "कफन" आम इंसान के संघर्ष, भावनाओं और संवेदनाओं का दर्पण हैं। प्रेमचंद ने गरीबों, किसानों और मजदूरों के दुःख-दर्द को अपनी कहानियों में ऐसा उकेरा कि पाठक उनके पात्रों के साथ जीने लगते हैं। उनके उपन्यास "गोदान" और "गबन" समाज में सुधार और समानता का संदेश देते हैं। आज भी उनकी रचनाएँ हमें जीवन के गहरे अर्थों से रूबरू कराती हैं।
    Voir livre
  • Khujli-Mujli-Kids Fantasy & Story Planet - Episode-4 - cover

    Khujli-Mujli-Kids Fantasy &...

    Dharmendra Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    Khujli-Mujli-Kids Fantasy & Story Planet series🎧 बच्चों के लिए एक ऐसी ऑडियोबुक जो उन्हें हीरो बना देगी! 
    क्या आपका बच्चा भी बाकी बच्चों जैसा ही है? अगर हाँ, तो उसे मिलाइए खुजली और मुजली से! ये दो बच्चे कोई साधारण बच्चे नहीं, बल्कि उनके पास है एक असाधारण माइंड सुपरपावर! 
    ना कोई जादू, ना कोई मंत्र, बस आत्मबल और समझदारी की कहानी जो सिखाएगी कि सच्ची शक्ति हमारे अंदर ही होती है। 
    इस ऑडियोबुक में क्या है ख़ास? 
    प्रेरणादायक कहानी: खुजली एक डरा हुआ और मुजली एक उपेक्षित लड़का, पर जब ये साथ आते हैं तो सबकी सोच बदल देते हैं। 
    मज़ेदार क्विज़ और सीख: कहानी के साथ-साथ ऐसे क्विज़ जो बच्चों के दिमाग को तेज़ बनाएंगे। 
    आसान भाषा और प्यारी आवाज़: इस ऑडियोबुक को सुनने में बहुत मज़ा आएगा। 
    लेखक: जाने-माने बाल साहित्यकार धर्मेंद्र मिश्रा की अनोखी पेशकश। 
    यह ऑडियोबुक सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए है जो अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहते हैं।
    Voir livre
  • Panch Parmeshwar - Munshi Premchand - पंच परमेश्वर - मुंशी प्रेमचंद - cover

    Panch Parmeshwar - Munshi...

    Munshi Premchand

    • 0
    • 0
    • 0
    पंच परमेश्वर मुंशी प्रमचंद की यह कहानी जुम्मन शेख और अलगू चौधरी नाम के दो दोस्तों की कहानी है। अलगू को जब गांव का सरपंच बनाया जाता है, तो वह अपने दोस्त जुम्मन के साथ दोस्ती की परवाह किए बिना ही उसके खिलाफ फैसला सुना देता है। जुम्मन इस बात का बदला लेने की फिराक में रहता है। जैसे ही जुम्मन को अलगू के मामले में सरपंच बनाया जाता है, तो आखिर जुम्मन क्या करता है, इसी पर यह कहानी है।कलम के जादूगर मुंशी प्रेमचंद 
    कलम के जादूगर प्रेमचंद की कहानियाँ आज भी बड़े ही ध्यान और सम्मान के साथ सुनी जाती हैं। आज हम लेकर आए हैं प्रेमचंद की वो कहानियाँ जो उनके कथा संकलन ‘मान सरोवर’ से ली गई हैं। प्रेमचंद की कहानियाँ अपने समय की हस्ताक्षर हैं जिनमें आप तब के परिवेश और समाज को भी बखूबी समझ सकते हैं। यूं तो मुंशी जी ने अपनी कहानियाँ हिंदी में ही लिखी हैं फिर भी हमारा ये प्रयास है की उनकी कहानियाँ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे और इसलिए हमने उन्हें थोड़ी और सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। इन कहानियों को ख़ास आपके लिए तैयार किया है। तो आइए सुनते हैं प्रेमचंद की विश्व प्रसिद्ध कहानियाँ!  
    Munshi Premchand’s real name was Dhanpat Rai. He was born on 31 July 1880 in Lamhi village in Banaras. He was born into a middle class family which made him keenly observe the poverty and disadvantages of the middle class society. He dedicated his whole life to Hindi literature. He was honoured with the titles of a short-story writer, a novelist and a social reformer. He died on 8 October, 1936.In this collection of short stories, Premchand has thrown light on the different aspects of society such as social systems, faith and religion. The story ‘Kafan’ reflects the poverty-stricken upbringing of Premchand and depicts the struggles of the poor for survival.
    Voir livre
  • अन्वेषण - cover

    अन्वेषण

    अनिलचंद्र ठाकुर

    • 0
    • 0
    • 0
    यह आवाज श्रीमती पूनम ठाकुर की है, जो लेखक स्वर्गीय श्री अनिलचंद्र ठाकुर की धर्मपत्नी हैं। उनके पुत्र अपूर्व ने इसे रिकॉर्ड किया है, ताकि यह आवाज और उनके पिता की रचनाएँ हमेशा के लिए अमर हो जाएँ। 
    अन्वेषण निनाद की कहानी है, जो एक समर्पित कलाकार है और अपनी कला में पूर्णता की तलाश में है। निनाद ने अपनी कला को तीन दशकों से अधिक समय समर्पित किया है, लेकिन उसे हमेशा लगता है कि उसकी साधना अधूरी है। उसकी कला देश-विदेश में प्रशंसित होती रही है, लेकिन उसकी आत्मा में एक अज्ञात प्यास है जो उसे चैन नहीं लेने देती। निनाद का गाँव से गहरा संबंध है, जहाँ उसे अपनी कला के विषय मिलते हैं। गाँव की पगडंडियाँ, झोंपड़ियाँ, वृक्ष-पौधे, और गरीबों की जिंदगी उसकी कला के मुख्य विषय रहे हैं। लेकिन बचपन से ही उसे मलहरियावाली काकी की सूरत आकर्षित करती रही है। काकी के साथ उसका संबंध एक पहेली की तरह है, जो प्यार से ऊपर और इस धरती से परे है। काकी की सुंदरता और सादगी ने निनाद को हमेशा प्रभावित किया है। काकी की आँखों की खूबसूरती और उसकी देह की चमक निनाद के लिए एक प्रेरणा रही है। लेकिन काकी का जीवन भी कठिनाइयों से भरा रहा है। उसकी सुंदरता ही उसका दुर्भाग्य बन गई, और पति की कुंठा और कठोर अनुशासन ने उसे तोड़ दिया। निनाद की कहानी कला, प्रेम, और जीवन की जटिलताओं को बयां करती है। यह कहानी एक कलाकार की आत्मा की खोज और उसकी अधूरी साधना की यात्रा है।
    Voir livre