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वेलेंटाइन डे का तोहफा - cover

वेलेंटाइन डे का तोहफा

Erick Carballo

Verlag: Babelcube

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Beschreibung

एक कंपनी अपने सभी कर्मचारियों को एक वैलेंटाइन डे उपहार विनिमय प्रतियोगिता में आमंत्रित करती है जिसमें वह वेनिस की यात्रा के साथ प्रथम स्थान प्राप्त करती है। 


इस कहानी के माध्यम से जानिए कौन होगा प्रथम स्थान पाने वाला।
Verfügbar seit: 02.06.2023.
Drucklänge: 30 Seiten.

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    Munshi Premchand’s real name was Dhanpat Rai. He was born on 31 July 1880 in Lamhi village in Banaras. He was born into a middle class family which made him keenly observe the poverty and disadvantages of the middle class society. He dedicated his whole life to Hindi literature. He was honoured with the titles of a short-story writer, a novelist and a social reformer. He died on 8 October, 1936.In this collection of short stories, Premchand has thrown light on the different aspects of society such as social systems, faith and religion. The story ‘Kafan’ reflects the poverty-stricken upbringing of Premchand and depicts the struggles of the poor for survival.
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    अन्वेषण निनाद की कहानी है, जो एक समर्पित कलाकार है और अपनी कला में पूर्णता की तलाश में है। निनाद ने अपनी कला को तीन दशकों से अधिक समय समर्पित किया है, लेकिन उसे हमेशा लगता है कि उसकी साधना अधूरी है। उसकी कला देश-विदेश में प्रशंसित होती रही है, लेकिन उसकी आत्मा में एक अज्ञात प्यास है जो उसे चैन नहीं लेने देती। निनाद का गाँव से गहरा संबंध है, जहाँ उसे अपनी कला के विषय मिलते हैं। गाँव की पगडंडियाँ, झोंपड़ियाँ, वृक्ष-पौधे, और गरीबों की जिंदगी उसकी कला के मुख्य विषय रहे हैं। लेकिन बचपन से ही उसे मलहरियावाली काकी की सूरत आकर्षित करती रही है। काकी के साथ उसका संबंध एक पहेली की तरह है, जो प्यार से ऊपर और इस धरती से परे है। काकी की सुंदरता और सादगी ने निनाद को हमेशा प्रभावित किया है। काकी की आँखों की खूबसूरती और उसकी देह की चमक निनाद के लिए एक प्रेरणा रही है। लेकिन काकी का जीवन भी कठिनाइयों से भरा रहा है। उसकी सुंदरता ही उसका दुर्भाग्य बन गई, और पति की कुंठा और कठोर अनुशासन ने उसे तोड़ दिया। निनाद की कहानी कला, प्रेम, और जीवन की जटिलताओं को बयां करती है। यह कहानी एक कलाकार की आत्मा की खोज और उसकी अधूरी साधना की यात्रा है।
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