Astitva Ki Paathshala me Corona Mahamari Ke Paath : Shok
Dharmraj
Erzähler Lalit Agarwal
Verlag: Storytel Original IN
Beschreibung
बजाय शोक में डूबकर जीवन समाप्त करने की कामना करने के, क्या आप यह न देखना समझना चाहेंगे कि जीवन क्या है ?, क्या आप अभी जो घट रहा है, उसे जी रहे हैं? जो घट रहा है, उसमें बिल्कुल दाँत जमाए उसको अपने जीवन में होशोहवास में घटने दे रहे हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि जो घट रहा है, उसे शोक नाम देकर, पुरानी स्मृतियों की जुगाली कर आप उस जीवन्त चीज़ से बच रहे हैं, जो अभी और यहीं है. शोक के रूप में सघन दुःख की ओर अनायास बढ़ती हमारे जीवन की शैली को परखता यह अध्याय ऐसे जीवन को भी अनायास हमारे सामने कर रहा है, जिसमें शोक जैसे विषबेल को पनपने की ज़मीन ही नहीं मिलती।
Dauer: 12 Minuten (00:12:09) Veröffentlichungsdatum: 05.08.2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

