Astitva Ki Paathshala me Corona Mahamari Ke Paath : Avsaad
Dharmraj
Erzähler Lalit Agarwal
Verlag: Storytel Original IN
Beschreibung
अक्सर हमें अपनी घातक जीवन शैली का तब पता चलता है, जब जीवन हाथ से बाहर हो जाता है. चुनौती सामने आने पर नाम देते ही हमारे चित्त में अवसाद के नाम पर वह सब जो हमने पढ़ा है, जो इससे जूझते हुए लोगों को देखा है, उस सबकी भयावहता हमारी चुनौती के साथ जुड़ जाती है. इस नामकरण से हम अपनी चुनौती को अनजाने ही एक बड़ी समस्या के रूप में समझ बैठते हैं. यदि हम अवसाद शब्द को और उसके पीछे जो हमारे चित्त में एक धारणा है उसे पोंछ दें, तो हमारा जीवन हम और वह चुनौती जिसे पहले अवसाद नाम दिया जाता रहा है, अलग अलग नहीं होते हैं. यह पूरी एक ही प्रक्रिया है. वह चुनौती जिसे अवसाद कहा जाता रहा है, जब वह जीवन से अलग नहीं है और हम जीवन के साथ चल रही इस चुनौती का सामना कर रहे होते हैं, तब हम इसे, इसकी बनावट को सीधे सीधे समझने लगते हैं. यह अध्याय हमारे रोज़मर्रा के जीवन में उस चूक को सामने ले आ रहा है, जिससे जाने अनजाने अवसाद की विभीषिका हमारे भीतर फलती फूलती रहती है। साथ हो साथ यह अध्याय ऐसे जीवन का अन्वेषण भी कर रहा है, जिसे अवसाद छू भी नहीं सकता.
Dauer: 20 Minuten (00:20:02) Veröffentlichungsdatum: 05.08.2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

