अबोधिता
डॉ. भुवनेश्वर द्विवेदी
Verlag: Pencil
Beschreibung
About the book:मेरी पुस्तक * अबोधिता * में सुन्दर सुन्दर फूलों की कलियाँ हैं , खिलते हुए गुलाब हैं रात रानी है कहीं कहीं रस मलाई व गुलाब जामुन भी हैं हः हः ह , । कहने को ये पुस्तक एक काव्य पुस्तक हैं मेरी कविताओं की लेकिन असल में ये पूरी पूरी जिंदगानी है । वैसे तो इंसान की जिंदगी कुछ नहीं अगर सोचें तो कल की बात तो छोड़िए एक पल का पता नहीं लेकिन इस पुस्तक में सम्पूर्ण जिंदगी का अनुभव है आप पढ़ते जाएंगे और उसके व्यावहारिक परिवेश को समझते भी जाएँगे । ऐसा मैं कह रहा हूँ लेकिन फेंसला आपके हाथ ही रहेगा क्योंकि आप पाठक हैं और मेरे आलोचक भी । सम्पूर्ण सरोकार पाठक ही पर निर्भर करता है । लेखक ना जाने कितने आए और कितने आने वाले समय में आएँगे उनका कोई हिसाव किताब न हैं न हुआ न होने वाला है । मेरी पुस्तक अबोधिता चंद कविताओं का एकल संकलन है , व इसके माध्यम से अपने मन भाव विचार मैंने आप के सामने रख दिए हैं - उनमें छुपे अर्थ किस किस को कहाँ कहाँ कैसे कैसे छूएँगे ये सब निर्णय आप से प्यारे पाठकों पर आधारित हैं सादर ।।
