Sahab Bibi Gulam - 1
Bimal Mitra
Erzähler Pawan Kalra
Verlag: Storyside IN
Beschreibung
'साहब बीबी गुलाम' कलकत्ता शहर के बसने, बढ़ने और फैलने का दिलचस्प आख्यान है। इस उपन्यास के रूप में बँगला कथाकार विमल मित्रा ने एक ऐसी कृति प्रस्तुत की है जो अपने आपमें कथाशिल्प का स्थापत्य है। इसमें कलकत्ता के बहुरंगी अतीत को उसके विकासशील वर्तमान से जोड़ने का एक सुंदर और कलात्मक प्रयोग किया गया है। इस कृति में कथाकार ने उन राजा-रईसों के वैभव-विलास और आमोद-प्रमोद का चित्राण किया है जो कभी आलीशान महलों में बड़ी शान-ओ-शौकत से रहा करते थे। साथ ही इसमें उनके निरीह सेवकों-गुलामों की विवशता का भी हृदयस्पर्शी चित्राण है जो दिन-रात उनकी सेवा में लगे रहते हैं। सामंती परिवार का वह भीतरी परिवेश इसमें पूरे प्रभाव के साथ उभरा है जिसमें अपरिमित सुखों के बीच अलग-अलग तरह के दुख पलते रहते हैं। पूरी कथा ओवरसियर भूतनाथ की जुबानी सामने आती है जो वर्तमान का संवाहक होकर भी अतीत की यादों में खोया रहता है। अंतःपुरवासिनी 'छोटी बहू' उसके ही मन पर नहीं, पाठकों के मन पर भी छायी रहती है।
Dauer: etwa 6 Stunden (05:38:26) Veröffentlichungsdatum: 22.04.2018; Unabridged; Copyright Year: 2018. Copyright Statment: —

