Begleiten Sie uns auf eine literarische Weltreise!
Buch zum Bücherregal hinzufügen
Grey
Einen neuen Kommentar schreiben Default profile 50px
Grey
Jetzt das ganze Buch im Abo oder die ersten Seiten gratis lesen!
All characters reduced
सकारात्मक सोच और सफलता: विचारों की शक्ति का उपयोग - cover

सकारात्मक सोच और सफलता: विचारों की शक्ति का उपयोग

Amanpreet Kaur

Verlag: Inkwell Press

  • 0
  • 0
  • 0

Beschreibung

इस पुस्तक में अमनप्रीत कौर ने विचारों की शक्ति और उनके हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को गहराई से समझाया है। यह पुस्तक सकारात्मक सोच के महत्व और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए इसके उपयोग पर केंद्रित है। प्रमुख विषयों में मन-शरीर संबंध, भावनाओं और कार्यों पर विचारों का प्रभाव, विश्वासों की भूमिका, सीमित विश्वासों पर काबू पाना, माइंडफुलनेस और संज्ञानात्मक व्यवहार रणनीतियाँ शामिल हैं। यह पुस्तक पाठकों को नकारात्मक विचार पैटर्न से बचने और सकारात्मक सोच के माध्यम से सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
Verfügbar seit: 09.07.2024.

Weitere Bücher, die Sie mögen werden

  • 36 GUN DARSHAN SITAAYAN (HINDI EDITION) - The Divine Journey of Sita - cover

    36 GUN DARSHAN SITAAYAN (HINDI...

    Sirshree

    • 0
    • 0
    • 0
    देवी सीता की दिव्य यात्रा 
    साधना पथ और दिव्य गुण 
    – अनेक संघर्षो के बावजूद जीवन में कैसे उच्च निर्णय लें? 
    – मुश्किलातों में अपने आपको संभालकर, स्वयं को प्रेरित कैसे करें? 
    – दूसरों की भावनाओं को समझकर, उनका सम्मान कैसे करें? 
    – अपनी गलतियों से सीख लेते हुए, उन्हें कैसे सुधारें? 
    – जीवन के छोटे-मोटे सुखों और खुशियों का मूल्य कैसे परखें? 
    – भय का सामना करते हुए उनसे कैसे निपटें? 
    – अपने भीतर सद्गुणों को कैसे जगाएँ? 
    ये सवाल यदि आपके हैं तो इनके जवाब जानने के लिए झाँकिए देवी सीता के जीवन में! अनेक विकट प्रसंगों का सामना करते हुए भी कैसे उन्होंने अपना जीवन लक्ष्य प्राप्त किया, यह विस्मयकारी है। 
    ‘सिया-राम मय सब जग जानी’ यह रहस्य जग जाहिर है। इसका मतलब है पूरा जग सीता-राम से परिपूर्ण है, सभी में ईश्वर का वास है। इसे स्पष्ट करने के लिए आज तक जो भी ग्रंथ रचे गए, उनमें श्रीराम का स्वरूप प्रमुखता से व्यक्त हुआ। नींव के पत्थर की तरह माता सीता अव्यक्त रहीं। यह ग्रंथ माता सीता के अव्यक्त रूप को चित्रित कर, पाठकों के जीवन को सिया-राममयी बनाने का सामर्थ्य रखता है। 
    माता सीता का पूरा जीवन श्रीराम की आराधना और साधना में बीता। जिन दिव्य गुणों के सहारे वे हर घटना, हर परिस्थिति में साधनारत होकर, अनुभव रूपी राम के सानिध्य में रहीं, वे दिव्य गुण इस ग्रंथ में समाहित किए गए हैं। जिनका पठन व मनन कर, इंसान के अंदर प्राकृतिक रूप से विद्यमान किंतु सुप्त सद्गुण अंकुरित होंगे और जो गुण अंकुरित हो चुके हैं, वे पल्लवित होने लगेंगे। 
    तब जीवन दिव्य गुणों से भरपूर होगा। फलतः श्रीराम रूपी अनुभव की अभिव्यक्ति होगी तथा मानव जीवन सार्थक बनेगा। 
    Tags: Divine Journey, Sita's Spiritual Path, High Decisions, Overcoming Struggles, Self-Motivation, Emotional Understanding, Respecting Emotions, Learning from Mistakes, Valuing Small Joys, Facing Fears, Awakening Virtues, Sita-Ram Philosophy, Divine Qualities, Spiritual Guide, Life Purpose, Hidden Strengths, Inner Virtues, Inspiring Journey, Sri Ram's Devotion, Sita's Wisdom
    Zum Buch
  • वजन कम कैसे करें हिंदी में How to lose weight in Hindi खाने से वजन कम करने के आसान उपाय - cover

    वजन कम कैसे करें हिंदी में How...

    Charlie Mason

    • 0
    • 0
    • 0
    मोटापा आज एक वास्तविक समस्या के रूप में उभरा है। 
    3 में से 2 से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हैं, इसलिए यह समस्या उतनी ही वास्तविक है जितनी हो सकती है। हर कोई मोटापे के चंगुल से बचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन लगता है कि यह योजना कारगर नहीं हो रही है। 
    मोटापा सिर्फ़ एक साधारण कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, बल्कि मधुमेह, हृदय संबंधी समस्याओं और अन्य चयापचय संबंधी विकारों जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का एक पैकेज है। डाइट, सख्त खाद्य योजनाएँ और थका देने वाली कसरत दिनचर्या इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान देने में विफल रही हैं। 
    इन उपायों से शुरू में कुछ वज़न कम होता है, लेकिन कुछ समय बाद आप फिर से पहले जैसी स्थिति में आ जाते हैं। 
    इन विफलताओं के पीछे मुख्य कारण समस्या को ठीक से संभालना नहीं है। वज़न घटाने के ज़्यादातर उपाय सिर्फ़ कैलोरी कम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि समस्या हमेशा कहीं और रही है। गलत खान-पान की वजह से मोटापा बढ़ रहा है। प्रोसेस्ड फ़ूड, रिफ़ाइंड शुगर और केमिकल पर ज़्यादा निर्भरता समस्या की जड़ है। हमने खाने की ऐसी खराब आदतें विकसित कर ली हैं, जिसकी वजह से बार-बार वज़न बढ़ता है। यह पुस्तक आपको वजन घटाने के लिए आजमाया हुआ और परखा हुआ तरीका बताती है: 
    अगर आपको लगता है कि वजन घटाने के उपाय आपको बुरी तरह से विफल कर चुके हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए है। 
    यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए है जिन्होंने वजन घटाने के कई तरीके आजमाए हैं लेकिन असफल रहे हैं। 
    यह आपको स्वस्थ भोजन के माध्यम से वजन कम करने के आसान तरीके बताएगी। 
    यह पुस्तक प्राकृतिक खाद्य पदार्थों और उनके द्वारा लाए जाने वाले वजन घटाने के अपार लाभों के बारे में आपकी मार्गदर्शिका है। 
    यह पुस्तक आपको सही भोजन करके वजन कम करने के तरीके बताएगी। 
    यह वजन घटाने के मनोविज्ञान पर प्रकाश डालेगी और वजन घटाने के लिए अपनाई जाने वाली अच्छी आदतों के बारे में बताएगी।
    Zum Buch
  • Miracle of Gratitude The (Hindi) - cover

    Miracle of Gratitude The (Hindi)

    Sirshree

    • 0
    • 0
    • 0
    The Glory of Thankfulness 
    जहाँ कृतज्ञता होती है, 
    वहाँ प्रकृति की महिमा खिल उठती है… 
    किसी के प्रति आभार प्रकट करने के लिए हम धन्यवाद, शुक्रिया, थैंक्यू, आभार आदि शब्दों का प्रयोग करते हैं। दरअसल ‘धन्यवाद’ यह शब्द एक छोटी सी चुंबकीय प्रार्थना है। जिसे अलग-अलग भाषाओं में, अलग-अलग तरह से कहा जाता है। धन्यवाद कहते ही कुदरत की सुंदरता और उसकी शक्तियाँ हमारे आस-पास जीवित हो जाती हैं। हमें कुदरत के अद्भुत चमत्कारों को देखने का अवसर मिलता है। 
    अब सवाल यह उठता है कि क्या कुदरत को सभी भाषाओं का ज्ञान है? अगर वह भाषा ही सुन रही होती तो क्या होता? कैसे सभी का हिसाब-किताब रखती? मगर ऐसा नहीं है! कुदरत भाषा नहीं, भाव तरंग समझती है। 
    कुदरत में आपके द्वारा कहे गए शब्द नहीं, आपकी भावना पहुँचती है और वह कार्य करती है। जैसे- जब आपको कोई चीज़ जो आप चाहते थे, वह मिल जाती है तो उसके लिए आप धन्यवाद कहते हैं यानी आप ‘है’ की फीलिंग में हैं। इसी प्रकार जो चीज़ आपके पास नहीं है और आप उसे पाना चाहते हैं तो उसके लिए भी जब आप धन्यवाद देते हैं तब यूनिवर्स आपके कहे शब्दों पर नहीं बल्कि ‘है’ की फीलिंग को जान रही होती है। यह कुदरत के देने का रहस्य है। यही ग्लोरी ऑफ थैंकफुलनेस यानी कृतज्ञता की महिमा है। 
    इसे समझकर यदि हम कृतज्ञता के साथ कुदरत संग तालमेल बिठाते हैं तो जीवन की धारा हमें खुशी और संतोष की ओर बड़ी सरलता से ले जाती है।
    Zum Buch
  • Swayam ka samna (hindi) - hercules ki antarik khoj - cover

    Swayam ka samna (hindi) -...

    Sirshree

    • 0
    • 0
    • 0
    अपने अंदर हरक्युलिस को जनम दें 
    ‘आप कपड़े क्यों नहीं पहनते?’ लड़के ने पागल फकीर से आश्‍चर्य में पड़कर सवाल किया| पागल फकीर ने शांत स्वर में जवाब दिया, ‘क्योंकि पहले हम कपड़े पहनते हैं, बाद में कपड़े हमें पहन लेते हैं|’ 
    पागल फकीर का पहेलीनुमा जवाब लड़के को कुछ समझ में नहीं आया| उसने फकीर से अगला सवाल किया- ‘आपकी आँखें लाल क्यों हैं?’ रहस्यमयी मुस्कान के साथ पागल फकीर ने जवाब दिया- ‘क्योंकि तुम्हारी आँखों में बाल है|’ फकीर का अतार्किक जवाब लड़के की समझ से बाहर था| फिर भी तीसरा सवाल पूछने की उत्सुकता वह दबा न सका| ‘आप इस खंडहर में क्यों रहते हैं?’ पागल फकीर ने हँसते हुए जवाब दिया, ‘यह खंडहर नहीं, महल है|’ पागल फकीर के ऊल-जलूल जवाब सुनकर लड़के का सिर चकरा गया| उसे अब पूरा विश्‍वास हो गया कि हो न हो यह फकीर आधा नहीं पूरा पागल है| फिर भी अंदर ही अंदर उसका दिल फकीर से बार-बार मिलने की गवाही दे रहा था|१२ 
    … ‘खोज- स्वयं का सामना’ ग्रंथ 
    यह पढ़कर कहीं आपका सिर भी तो नहीं चकरा गया? यदि हॉं तो पागल फकीर द्वारा दिए जवाबों पर खोज करें| हरक्युलिस बनें| प्राचीन काल के हरक्युलिस ने अपोलो देवता के आशीर्वाद से अपने बाहुबल के बलबूते, १२ असंभव कार्यों को अंजाम दिया| जब कि आज के हरक्युलिस ने देवी मॉं की बदौलत प्राप्त मानसिक शक्ति के बलबूते, खोज कर ‘स्वयं का सामना’ किया| उसने आस-पास के लोगों में भी साहस भरकर अपने जैसे कई हरक्युलिस तैयार किए| आइए, इस पुस्तक को पढ़कर हम भी अपने अंदर हरक्युलिस को जनम दें| 
    सरश्री की शिक्षाएँ हमें स्वयं को आइने में देखने पर मजबूर करती हैंं| हमारे चरित्र को सुदृढ़ बनाने में मदद करती हैं तथा जीवन मूल्यों पर पूनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं| 
    – डॉ. किरन बेदी, मॅगसेसे अवॉर्ड विजेती
    Zum Buch
  • Let Go Tanaav - No Time for Tension (Hindi) - cover

    Let Go Tanaav - No Time for...

    Sirshree

    • 0
    • 0
    • 0
    तनाव को ताकत बनाओ 
    कार्य के प्रति स्ट्रेसफुल… 
    अपने करियर को लेकर चिंतित… 
    पारिवारिक या आर्थिक परेशानियों का सामना… 
    घबराइए नहीं, यह पुस्तक आपकी परेशानियों का हल है। 
    स्ट्रेस एक तरह का भार है, जिसे हम हर समय उठाए हुए चल रहे हैं। शुरू में जब छोटे-छोटे स्ट्रेस आते हैं तो हम उन्हें आसानी से उठा लेते हैं लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ उनका बोझ बढ़ता जाता है और उसका असर हमारे जीवन पर दिखने लगता है मगर अब हमें इसी भार से अपनी क्षमता बढ़ानी है। 
    जैसे आपने किसी वेट-लिफ्टर को देखा होगा। वह अपने करियर की शुरुआत पहले कम वज़न उठाने से करता है और धीरे-धीरे वज़न बढ़ाता जाता है ताकि उसकी शक्ति बढ़े। हमें भी उसी तरह अपनी मानसिक ताकत को बढ़ाना है ताकि जब भी कोई बड़ा तनाव आए तो संयमित रहते हुए उसे झेलकर, आगे बढ़ पाएँ। 
    इसके लिए आपको इस पुस्तक में दिए गए महत्वपूर्ण टेकनीक्स का इस्तेमाल करना होगा। इससे आप आसानी से अपने जीवन से तनाव को दूर कर सकते हैं, उन्हें बाय-बाय कह सकते हैं। 
    ऐसा नहीं है कि जीवन में तनाव नहीं आएँगे परंतु अब जब भी तनाव आएगा तो आप शांत तथा स्थिर रहते हुए उसे अपनी ताकत बनाकर कुछ ऐसा करेंगे, जिस पर आपको भी आश्चर्य होगा। तो क्यों न इसकी शुरुआत आज से बल्कि अभी से करें!
    Zum Buch
  • Mindset Ki Shakti - cover

    Mindset Ki Shakti

    Suresh Kumar

    • 0
    • 0
    • 0
    द पॉवर ऑफ थॉट में आपका स्वागत है, जहां आप अपनी पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए एक परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलेंगे। इस ईबुक में, हम परिप्रेक्ष्य की शक्तिशाली अवधारणा का पता लगाएंगे, वह लेंस जिसके माध्यम से हम दुनिया और खुद को देखते हैं। चाहे आप व्यक्तिगत विकास, करियर की सफलता, या केवल एक अधिक पूर्ण जीवन की तलाश कर रहे हों, अपनी जुनून को जानना नए संभावनाओं को अनलॉक करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की कुंजी है। अपने विश्वासों को चुनौती देने, बाधाओं को पार करने, और अपने माइंडसेट को सुधारने के लिए तैयार हो जाइए।
    Zum Buch