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शोर ख़ामोशी का - cover

शोर ख़ामोशी का

Surjeet Kumar

Casa editrice: Surjeet Kumar

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Sinossi

इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में जब भी हम अकेले बैठते हैं, तब एक खामोशी हमें घेर लेती है, जिसमें आवाज नहीं होती लेकिन शोर बहुत होता है। यह शोर हमारे भीतर छिपे उन सवालों का होता है, जो पूछते हैं, “ हमने क्या खोया ? हमने क्या पाया ? हम कहाँ पहुँचे ? कहाँ पहुँचना चाहते है ? हमने क्या किया है ? हम क्या करना चाहते हैं ? इससे भी महत्वपूर्ण बात यह, कि हमने जो कुछ भी किया है किया है, क्या हम उससे खुश हैं ? कभी-कभी वो  शोर हमें झकझोर देता है। प्रस्तुत पुस्तक उसी खामोशीयों को कविताओं में बाँध कर पाठकों के दिलों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है।
Disponibile da: 02/06/2022.
Lunghezza di stampa: 52 pagine.

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    “धरती की ममता" मुंशी प्रेमचंद की एक मार्मिक और हृदयस्पर्शी कहानी है, जो मातृत्व, प्रेम, और बलिदान की गहराई को उजागर करती है। यह कहानी मानव जीवन और धरती के प्रति हमारी जिम्मेदारियों के बीच के गहरे संबंध को खूबसूरती से चित्रित करती है। 
    🔸 कहानी का नाम: धरती की ममता  
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    🔸 विषय: मातृत्व, प्रेम, और त्याग 
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    जब अर्जुन, महान योद्धा, संदेह और निराशा से जकड़ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण, उसके परम मित्र और मार्गदर्शक ने जीवन, कर्तव्य और भक्ति का रहस्य बताया। आज वही कृष्ण इस गीता के माध्यम से फिर से बोल रहे हैं— तुमसे, इस युग के युवाओं से। 
    तो आओ अब सुनें… इतिहास के पाठक की तरह नहीं, बल्कि सत्य के साधक की तरह। 
    • अध्याय 1: आधुनिक अर्जुन की दुविधा 
    • अध्याय 2: शाश्वत आत्मा 
    • अध्याय 3: कर्म के मार्ग पर 
    • अध्याय 4: दिव्य ज्ञान का प्रकाश 
    • अध्याय 5: संन्यास और वैराग्य का मार्ग 
    • अध्याय 6: आत्म-नियंत्रण की शक्ति 
    • अध्याय 7: हृदय की भक्ति 
    • अध्याय 8: परम समर्पण 
    • अध्याय 9: परम वास्तविकता और भक्ति 
    • अध्याय 10: दिव्य महिमा 
    Title: आज का अर्जुन को गीता का संदेश 
    Genre: Spiritual Motivation 
    Language: Hindi 
    File Type: Mp3 
    Length: 42 Min 
    Audiobook Narrated and Published by: Sweet Audible (2025) 
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