Unisciti a noi in un viaggio nel mondo dei libri!
Aggiungi questo libro allo scaffale
Grey
Scrivi un nuovo commento Default profile 50px
Grey
Iscriviti per leggere l'intero libro o leggi le prime pagine gratuitamente!
All characters reduced
मुझे अपना कमरा साफ़ रखना पसंद है - cover

मुझे अपना कमरा साफ़ रखना पसंद है

Shelley Admont, KidKiddos Books

Casa editrice: KidKiddos Books

  • 0
  • 0
  • 0

Sinossi

यह बाल पुस्तक बच्चों को ज़िम्मेदारी उठाने और अपना कमरा व्यवस्थित रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इस चित्रांकित पुस्तक में जिस तरह छोटे खरगोश जिम्मी और उसके भाइयों ने सीख ली वह अनुसरणीय है। उन्होने साथ में काम करना, कमरा साफ और अपने खिलौने जमाना सीखा।
यह कहानी आपके बच्चों के सोने से पहले पढ़ने के लिए आदर्श है और पूरे परिवार के लिए भी आनंद का स्रोत बन सकती है।
Disponibile da: 20/01/2023.
Lunghezza di stampa: 34 pagine.

Altri libri che potrebbero interessarti

  • बारिश - cover

    बारिश

    कृतिका गुप्ता

    • 0
    • 0
    • 0
    उसने चाँद माँगा, मैंने आइना दे दिया 
    उमेश कुमार गुप्ता की बेहतरीन कविताओं का संग्रह बारिश
    Mostra libro
  • सरहद के जवान - cover

    सरहद के जवान

    Amit sharma

    • 0
    • 0
    • 0
    कवि एक देशभक्त है। इस कविता द्वारा उसने सेना के जवान की मनोभावनाओं को व्यक्त किया है। कवि बताया है कि कैसे सेना का ये वीर सरहद पर तत्पर रहता है। वो दुश्मन की आहट को सुन लेता 
    है, और उसको माकूल जवाब देता है। उसका सीना फौलादी है और आँखों में देश के लिये मर मिटने का जुनून है। जब सरहद पर से उसे कोई छेड़ता है तो वो आर पार की लड़ाई करता है। खून की होली वो खेलता है और दुश्मन को रोंदता है। वो जमीं, आसमान और समुद्र की सीमा से दुश्मन पर अंगारों की बौछार करता है और अपने देशवासियों की हर कीमत पर सुरक्षा करता हैयुद्ध होने पर वो न अपने भूख,प्यास और न ही आराम की चिंता करता है। शेर की तरह दहाड़ता हुआ लोहा लेता है और दुश्मन का सफाया करता है।सीने पर गोली खा कर और हँसते - हँसते वन्देमातरम कहते हुऐ वो शहीद हो जाता है। उसकी शहादत कई जवानों के लिए एक मिसाल कायम करती है। और हार न मानो कभी ये होंसला देते हैं ।। 
    ।
    Mostra libro
  • एक्ने का उपचार‎ - cover

    एक्ने का उपचार‎

    Owen Jones

    • 0
    • 0
    • 0
    एक्ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों की समस्या है, और उनमें से अधिकांश लोग युवा हैं और इस उलझन, ‎और यहां तक कि अपराधबोध और शर्म से निपटने के लिए भावनात्मक रूप से तैयार नहीं होते हैं, और ‎अक्सर उन्हें इस बारे में सताया भी जाता है, अक्सर एक्ने के प्रकोप के साथ यह सब भी जुड़ा हुआ होता ‎है। इस पुस्तिका में निहित ज्ञान आपको एक्ने से निपटने में मदद करेगा। ‎
    Mostra libro
  • कागभुशुंडी: मृत्यु रहस्य और अमरत्व की गूढ़ कथा | भाग-1 - Mythology - cover

    कागभुशुंडी: मृत्यु रहस्य और...

    Dharmendra Mishra

    • 0
    • 0
    • 0
    "क्या कोई मृत्यु को परास्त कर सकता है? क्या ज्ञान और तपस्या से विधि के विधान बदले जा सकते हैं? यह कथा है उस ऋषि की, जिसे श्राप तो मिला, परंतु उसका अंत नहीं हुआ।" 
    "कागभुशुंडी – वह रहस्यमयी ऋषि, जिसने त्रेता युग में राम का दर्शन किया और कलियुग तक अमर रहकर सृष्टि का हर रहस्य जाना। वह एक साधारण ऋषि नहीं, बल्कि समय और मृत्यु को चुनौती देने वाला योद्धा था। 
    "भाग-1 में जानिए, कैसे एक जिज्ञासु ऋषि का जीवन अचानक बदल गया। कैसे उसके अंदर की शक्ति ने देवताओं और दैत्यों को भी हैरान कर दिया। क्या कागभुशुंडी सच में अमर थे? या यह केवल एक श्राप का प्रभाव था?" 
    "इस रहस्यमयी यात्रा में शामिल हों और जानें, क्या वास्तव में मृत्यु से परे कोई रहस्य है?"
    Mostra libro
  • Karwan E Hayat - cover

    Karwan E Hayat

    विजय कुमार "नाकाम"

    • 0
    • 0
    • 0
    विजय कुमार 'नाकाम का कविता संग्रह पढ़ते हुए यूं महसूस होता है। जैसे हम अपने ही जीवन के किसी हिस्से की कथा पढ़ रहे हैं । कविता में दर्द की प्रमुखता है और प्रभावित भी करता है पढ़ते हुए लगता है कवि की जिंदगी दर्द की गलियों से ज्यादा गुजरी है परिस्थिति वश दबा ढका दर्द उभर कर कविता में उतरा होगा। कहीं पर मुस्कराहट भी है, व्यंग भी है। सामाजिक विसंगति यों पर कटाक्ष भी है। कई कविता में कवि ने कई मशहूर हस्तियों, शायरों और बादशाहों को याद करते हुए उनके साथ हुए हादसों का वर्णन किया है। जिसे पढ़ते हुए विद्वान पाठक को वर्णित व्यक्ति की याद आ जाती है। 
    संग्रह में आध्यात्मिक रस से ओतप्रोत कविता 'उलझन' भी हैं शुरुआत में पता ही नहीं चलता, मगर अंत में लगता हैं कि कवि अपने प्रयास में सफल हुआ है। कई अत्यन्त गूढ़ शब्द प्रयोग किए गए हैं जो योग एवं अध्यात्म से जुड़े लोग ही समझ पाएंगे। 
    बुढ़ापे में अनगिनत समस्याओं का विशद और दर्दनाक वर्णन हुआ है। एक सामाजिक बुराई की ओर इंगित करते हुए युवा पीढ़ी को नसीहत देते हुए बड़ी नफासत से अपनी बात कही गई है। 
    डरे डरे से कदम कोरोना काल पर हर एक पहलू से अवलोकन करते हुए कवि बड़ी गहनता से हर समस्या, पीड़ा और यातना का सटीक वर्णन करता है। 
    किताब का दर्द में समसामयिक 
    मुक्त कविता का चलन हुआ है 
    विषय पर गहनता से अध्ययन कर के हर पहलू को बताया गया है जब से छंद तब से स्वयं प्रकाशन करने की प्रतियोगिता-सी चल पड़ी है। हर कोई लेखक बन गया है। लिखा खूब जा रहा है प्रकाशित भी हो रहा हैं। प्रकाशन एक सुव्यवस्थित व्यवसाय हो गया है लेखक भी यही व्यवस्था का भुक्तभोगी है। प्रकाशित पुस्तकों का अंजाम क्या होता है? या तो मुफ्त में वितरित होती है या उधई या कबाड़ी का पेट भरता है। 
    कई कविताएं लेखक ने अपने परिवार के सदस्यों के ऊपर लिखी है। जिसकी भाषा से यही पर लक्षित होता है कि उर्दू के साथ हिन्दी पर भी कवि का समान अधिकार है। 
    शेर और मुक्तक भी अच्छे लिखे गए हैं। उर्दू के साथ-साथ हिन्दी का भी व्यापक उपयोग हुआ हैं। हिंदी भाषियों के लिए कवि अगर कठिन उर्दू शब्दों का अर्थ भी रचना के अंत में दिया गया होता तो कविता संग्रह की उप 
    देयता और बढ़ जाती।
    Mostra libro
  • भगोड़ा - cover

    भगोड़ा

    धोंडो केशव कर्वे

    • 0
    • 0
    • 0
    चंबल का एक डाकू शक्ति सिंह।अपने गिरोह के अत्याचारी सरदार से उसकी पत्नी ममता को बचाता है और उसकी इच्छा के अनुसार उसे उसकी मौसी के घर छोड़ कर वापस आ जाता है। लौट कर वो कैलाश पांडे के गिरोह में शामिल हो जाता है। थोड़े समय बाद कैलाश पांडे का हृदय परिवर्तन हो जाता है और वह अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ आत्म समर्पण कर देता है। शक्ति सिंह आत्मसमर्पण नहीं करता और बंबई (अब मुंबई ) भाग जाता है। वहाँ उसकी मुलाक़ात ममता से होती है फिर क्या होता है ? जानने के लिये सुनिए भगोड़ा
    Mostra libro