Unisciti a noi in un viaggio nel mondo dei libri!
Aggiungi questo libro allo scaffale
Grey
Scrivi un nuovo commento Default profile 50px
Grey
Iscriviti per leggere l'intero libro o leggi le prime pagine gratuitamente!
All characters reduced
अनंत मन - cover

अनंत मन

Mahesh Sharma

Casa editrice: Publishdrive

  • 0
  • 0
  • 0

Sinossi

यह पुस्तक मन और समाज के गहरे संबंधों की पड़ताल करती है, जहाँ व्यक्ति की सोच न केवल उसकी निजी यात्रा होती है बल्कि सामूहिक चेतना, संस्कार और अनुभवों से भी जुड़ी होती है। यह पाठकों को मानसिक ऊर्जा की समझ, उसके संतुलन, और आंतरिक सीमाओं को पहचानने में मदद करती है। सरल और मानवीय भाषा में लिखी गई यह किताब ध्यान, माइंडफुलनेस और विज़ुअलाइज़ेशन जैसे उपायों को प्रयोगशील जीवन का हिस्सा बनाती है, आदर्श नहीं। इसमें आत्म-संशय, भय और सामाजिक दबाव जैसे मानसिक अवरोधों से पार पाने के व्यावहारिक उपाय दिए गए हैं। पुस्तक यह भी दर्शाती है कि हमारी सोच पर समाज और परिवार का कितना प्रभाव होता है और कैसे हम स्वयं की सोच से समाज को प्रभावित कर सकते हैं। यह केवल एक विचार संग्रह नहीं, बल्कि पाठक के भीतर संवाद और बदलाव को जगाने वाली यात्रा है जो उसे स्वयं से और समाज से जोड़ती है।
Disponibile da: 21/05/2025.
Lunghezza di stampa: 60 pagine.

Altri libri che potrebbero interessarti

  • Sri Sri Ravi Shankar - cover

    Sri Sri Ravi Shankar

    Amol Raikar, Vinitha R

    • 0
    • 0
    • 0
    तमिलनाडु में जन्मे रविशंकर को ये नाम उनके पिता ने आदि शंकराचार्य से प्रेरणा लेते हुए रखा था. 17 वर्ष की उम्र में फीजिक्स की डिग्री हासिल करने वाले रविशंकर ने आध्यात्म का रास्ता चुना. वे महर्षि महेश योगी के शिष्य बने. महर्षि महेश योगी की मृत्यु के बाद रविशंकर ने अपने नाम के आगे श्री श्री जोड़ लिया और 'आर्ट आफ लिविंग' नाम की एक बड़ी संस्‍था खड़ी कर ली. जबकि 'आर्ट आफ लिविंग' उनके गुरू महर्षि महेश योगी की खोज थी. रवि शंकर कहते हैं कि सांस शरीर और मन के बीच एक कड़ी की तरह है जो दोनों को जोड़ती है. इसे मन को शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ये मंत्र दुनिया भर के उनके शिष्यों के मन में बैठ गया. इराक से लेकर पाकिस्तान तक की सरकारें उन्हें अपने यहां आमंत्रित करने लगीं. श्रीश्री ने शांति दूत की अपनी ऐसी छवि बनाई कि वे तमाम विवादित मामलों में मीडिएटर का काम करने लगे. हालांकि इसे लेकर वे खुद भी कई विवादों में घिरे लेकिन हर विवाद के साथ उनके भक्तों की गिनती में इजाफा ‌ही हुआ. आज श्रीश्री रविशंकर धर्म, आध्यात्म और योग के क्षेत्र में सारी दुनिया में जाना पहचाना नाम है.
    Mostra libro
  • Mdh - cover

    Mdh

    Ali

    • 0
    • 0
    • 0
    ये कहानी है 24 साल के एक लड़के की, जो बंटवारे के वक्त पाकिस्तान से जान बचाकर भारत आया था. सबकुछ बिखर जाने के बाद जिसने शून्य से शुरुआत की. और फीनिक्स की तरह राख से उबरकर दिखाया. उसका सफर मुश्किलों भरा था. उसने अपने परिवार का पेट भरने के लिए तांगा तक चलाया. दो-दो पैसों में मेहंदी की पुड़िया बेचीं. लेकिन अपनी मेहनत के बल पर उसने न सिर्फ खोया हुआ सबकुछ वापस हासिल कर लिया, बल्कि उसमें इज़ाफा ही किया. इतना ज़्यादा कि उसकी शक्ल घर-घर पहचानी गई. उसके चेहरे से हिन्दुस्तान का बच्चा-बच्चा वाकिफ हो गया. सिर्फ शक्ल ही नहीं, उसके चलाए ब्रांड ने भी अपार प्रसिद्धि हासिल की. आज भारतवर्ष में शायद ही कोई होगा, जिसने mdh का नाम नहीं सुना होगा. सुनिए mdh और उसके जनक महाशय धरमपाल गुलाटी की अद्भुत कहानी…
    Mostra libro
  • Dhirubhaism - cover

    Dhirubhaism

    A.G. Krishnamurthy

    • 0
    • 0
    • 0
    यह पुस्तक धीरूभाई की जीवनी नहीं है ना ही उनके अमीर बनने या बिजनिस का इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा करने की कहानी है. यह पुस्तक है उन अंतर्दृष्टियों के बारे में जो धीरूभाई ने इस पुस्तक के लेखक ए.जी. कृष्णमूर्ती के साथ साझा की थीं. ए. जी. कृष्णमूर्ती और धीरूभाई का लम्बा साथ रहा. यह 15 धीरूभाईज़्म हमें उस अनोखे व्यक्ति के सोचने की प्रक्रिया और दर्शन के बारे में बताते हैं जो भारत का सबसे बड़ा आंतरप्रेन्योर साबित हुआ. आज के स्टार्ट आप के दौर में एक ज़रूरी पुस्तक.
    Mostra libro
  • Fever 104°F - cover

    Fever 104°F

    Surabhi Singhal

    • 0
    • 0
    • 0
    आजकल की जिंदगी से जुड़ी हर एक टीनएजर की कहानी जो अनजाने ही अपने और अपनों के बीच एक दीवार बना लेती है। लड़कियों से जुड़ी भावनाएँ, कच्ची उम्र की शैतानियाँ जिनसे उनके परिवार आज तक अछूते हैं। यह कहानी है उनके बीच की बढ़ती दूरियों की जो समाज बढ़ाकर इतनी बड़ी कर देता है कि वे अपनों पर भरोसा नहीं कर पाती हैं। यह एक मसाला भी है दोस्ती और जिंदगी से जुड़ी चटपटी ख्वाहिशों का। एक बेजोड़ संगम है किसी अनजाने के दिये प्यार में जख्मी हो जाने का। हॉस्टल की देर रात वाली मस्ती से लेकर सीखे गए बहुत सारे सबक तक जो हम सीख जाते हैं अकेले वाली रोती रातों में। कैसे एक जिंदगी हार जाती है कुछ बड़ी ताकतों से, कैसे जिंदगी से भी बड़ा हो जाता है कोई इंसान जिसके चलते हम किसी अपने को हमेशा के लिए हार जाते हैं! पढ़िए 'फीवर 104°f' जिसमें मानसिक संतुलन बस बिगड़ ही जाने वाली हालत में होता है और शरीर के स्वास्थ्य पर कोई फर्क नही पड़ता।
    Mostra libro
  • Mouth Organ - cover

    Mouth Organ

    Sushobhit Shaktawat

    • 0
    • 0
    • 0
    13 अप्रैल 1982 को मध्यप्रदेश के झाबुआ में जन्मे सुशोभित की शिक्षा-दीक्षा उज्जैन में हुई. उन्होंने अँग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है और हिंदी पत्रकार हैं ।कविता की दो पुस्तकों 'मैं बनूँगा गुलमोहर' और 'मलयगिरि का प्रेत' सहित लोकप्रिय फ़िल्म-गीतों पर विवेचना की एक पुस्तक 'माया का मालकौंस' और गांधी पर एक किताब 'गांधी की सुंदरता' प्रकाशित की।इन्होंने अँग्रेज़ी के लोकप्रिय उपन्यासकार चेतन भगत की पाँच पुस्तकों का अनुवाद भी किया है।यह किताब क़िस्सों की किताब है जिसमें उन्होंने जीवन के छोटे छोटे प्रसंगो को ख़ुशनुमा गद्य में लिखा है.
    यह क़िस्सों की किताब है। कुछ कपोल कल्पना, कुछ आपबीती, कुछ दास्तानगोई, कुछ बड़बखानी। अँग्रेज़ी में जिसे कहते हैं- 'नैरेटिव प्रोज़'। वर्णन को महत्व देने वाला गद्य, ब्योरों में रमने वाला गल्प। कहानी और कहन के दायरे से बाहर यहाँ कुछ नहीं है। यह 'हैप्पी कंटेंट' की किताब है। कौतूहल इसकी अंतर्वस्तु है। क़िस्सों की पोथी की तरह किसी भी चैप्टर से इसे सुना जा सकता है।
    Mostra libro
  • JANMON KE SABAK AUR MEMORY HEALING (HINDI EDITION) - Heal Your Memory and Heal Your Life - cover

    JANMON KE SABAK AUR MEMORY...

    Sirshree

    • 0
    • 0
    • 0
    स्मृतियों के उपचार से जीवन का उपचार 
    इंसान पृथ्वी पर आया है अपने सबक सीखकर, कुदरत की विकास-तेजविकास की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए। मगर चारों दिशाओं से आनेवाली नकारात्मक तरंगें उसे बोझिल बनाती हैं। उसकी स्मृतियों में दबी ज़ख्मी यादें भी उसे बेचैन करती हैं, जिस कारण वह अपना जीवन सार्थक नहीं कर पाता।क्या हम इन बाहरी कारणों से आनेवाली नकारात्मकता को रोक सकते हैं? नहीं न! फिर ऐसा हम क्या करें कि बोझ, बोझ न लगे… दिक्कतों के बावजूद हलके-फुलके रहकर हम आनंद की उड़ान भर सकें… दूसरों में भी यह शुभ इच्छा जगाकर, जीवन को सार्थक कर सकें! इसका हल है- कटु स्मृतियों के उपचार से जीवन का उपचार…। लेकिन कैसे? यह पुस्तक इसका जवाब है! 
    इसमें आप कुदरत की प्रेममयी कार्य प्रणाली समझेंगे। साथ ही आपके सामने कुदरत की कार्य योजना के गहरे रहस्य प्रकट होंगे। इन्हें जानकर आप जीवन में जो करने आए हैं, वह करना शुरू करेंगे। पुस्तक के प्रमुख बिंदु कुछ इस प्रकार हैं-शरीर, मन पर बोझ बढ़ने के चार प्रमुख कारणकार्मिक बंधन मिटाने के प्रभावशाली तरीकेजीवन के कटु अनुभवों का आपके ऊपर होनेवाला असर और उसे मिटाने का महत्त्वज़ख्मी स्मृतियों को चंगा करने का उपाय- सार्थक सबक 
    सार्थक सबक सीखने के लिए कुदरत द्वारा की गई विशेष व्यवस्था- लोग, घटनाएँ, परिस्थितियाँ तो चलिए, पुस्तक खोलकर ज़ख्मी स्मृतियों के उपचार से जीवन का उपचार नियम जानकर, अपने सार्थक सबक सीखते हैं। 
    Tags: Memory Healing, Life Treatment, Positive Transformation, Inner Wellness, Nature's Wisdom, Overcoming Challenges, Joyful Living, Meaningful Experiences, Emotional Freedom, Self-Discovery, Sirshree, Tejgyan, Happy Thoughts, WOW Publishings
    Mostra libro