Yogasan aur Swasthya
Acharya Bhagwan Dev
Narratore Anuradha Jain
Casa editrice: Storyside IN
Sinossi
योग भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम पहचानों में से एक है। यही वह विज्ञान है, जिसके बलबूते पर न केवल भारत कभी 'सोने की चिड़िया' कहलाता था, बल्कि विश्वगुरु बनकर भी उभरा था। भगवान शंकर के बाद वैदिक ऋषि-मुनियों से ही योग का प्रारंभ माना जाता है। बाद में कृष्ण, बुद्ध, महावीर आदि ने भी इसे अपनी तरह से विस्तार प्रदान किया। इसे आगे चलकर पतंजलि ने सुव्यवस्थित कर लिखित रूप दिया और योग सूत्र की रचना की, जो कि मनुष्य लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
Durata: circa 4 ore (03:58:58) Data di pubblicazione: 03/03/2021; Unabridged; Copyright Year: 2021. Copyright Statment: —

